2013 में ओबामा ने रिकॉर्ड संख्या में भारतीय-अमेरिकियों को नियुक्त किया

  • 2013 में ओबामा ने रिकॉर्ड संख्या में भारतीय-अमेरिकियों को नियुक्त किया
You Are HereInternational
Sunday, December 29, 2013-5:27 PM

वाशिंगटन: भारतीय-अमेरिकियों के लिए अमेरिका में यह साल सबसे सुखद रहा, क्योंकि व्हाइट हाउस ने 2013 में 30 लाख की आबादी वाले इस समुदाय के रिकॉर्ड सदस्यों को कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया। समुदाय के प्रति अपना विशेष स्नेह दिखाते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाहट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में रिकॉर्ड संख्या में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को नियुक्त किया। विशेषज्ञ इसे इस समुदाय की प्रतिभा को मिली मान्यता के तौर पर देखते हैं।

संभवत: पहली बार एक दर्जन से अधिक भारतीय-अमेरिकियों को व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण पद दिए गए और शायद ही ऐसा कोई विभाग है, जहां भारतीय-अमेरिकी लोग महत्वपूर्ण पदों पर न हों। ओबामा प्रशासन में भारतीय-अमेरिकियों को लेकर कोई आधिकारिक सूची नहीं है, लेकिन पीटीआई द्वारा संकलित की गई सूची में भारतीय समुदाय के ऐसे लोगों की संख्या 50 से अधिक पाई गई, जो कि अब तक का एक रिकॉर्ड है।

पांच भारतीय-अमेरिकी ओबामा प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं, जिनकी पुष्टि अमेरिकी सीनेट ने की है। राजीव शाह यूएसएआईडी के प्रशासक के तौर पर प्रशासन में सबसे ऊंचे पद पर तैनात भारतीय-अमेरिकी हैं। इस साल ओबामा प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति निशा बिस्वाल को दक्षिण एशिया मामलों की सहायक विदेश मंत्री बनाए जाने के रूप में हुई।

प्रेसीडेंट्स कमीशन ऑन व्हाइट हाउस फेलोशिप के सदस्य के रूप में अजीता राजी, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के मुख्य कृषि वार्ताकार के रूप में इस्लाम सिद्दीकी और सेलेक्ट यूएसएस, वाणिज्य विभाग के कार्यकारी निदेशक के रूप में विनाई थुम्मालापल्ली की प्रशासनिक अधिकारियों के तौर पर नियुक्ति पर अमेरिकी सीनेट ने अपनी मुहर लगाई। साथ ही सीनेट द्वारा मुहर लगाए जाने पर विवेक मूर्ति अमेरिका के पहले भारतीय-अमेरिकी सर्जन जनरल होंगे।

सीनेट से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे दूसरे भारतीय-अमेरिकियों में सहायक वाणिज्य मंत्री और अमेरिका एवं विदेश व्यावसायिक सेवा के महानिदेशक अरूण कुमार और राजनीतिक-सैन्य मामलों के सहायक विदेश मंत्री तैनात किए गए पुनीत तलवार शामिल हैं। तलवार ने ईरान के परमाणु समझौते को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सीनेट से मंजूरी मिलने पर पहली बार विदेश विभाग में सहायक विदेश मंत्री के पद पर दो भारतीय-अमेरिकी तैनात होंगे।

ओबामा ने 27 सितंबर को व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ अपनी बैठक में भारतीय-अमेरिकियों की तारीफ की थी। ओबामा ने कहा था, ‘‘भारतीय-अमेरिकी हर दिन अमेरिका के लिए असाधारण योगदान देते हैं। व्यापारी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद् और अब मिस अमेरिका भी भारतीय मूल की हैं और मुझे लगता है कि यह दोनों देशों की नजदीकियों को दर्शाता है।’’


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You