नेल्सन मंडेला के जाने से इतिहास में दर्ज हुआ 2013

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Thursday, January 02, 2014-8:32 AM

नई दिल्ली: दुनिया के कई अहम देशों के लिए पिछला वर्ष यानि 2013 चुनावों, सत्ता परिवर्तन और विभिन्न हलचलों के लिए तो याद रखा ही जाएगा, लेकिन यह वर्ष दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति और रंगभेद के संघर्ष के प्रतीक रहे नेल्सन मंडेला के दुनिया को अलविदा कहने के कारण हमेशा इतिहास में दर्ज रहेगा।

शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मंडेला वैसे तो काफी समय से बीमार चल रहे थे और वर्ष 2013 के मध्य में उनकी हालत काफी गंभीर भी हो गई थी, लेकिन उनके चाहने वालों की दुआं से वह उस समय सही सलामत रहे। लेकिन 5 दिसम्बर को खबर आई कि इस महान हस्ती का जोहानिसबर्ग में निधन हो गया है। इस खबर से दुनिया में शोक की लहर छा गई।

पिछला वर्ष चुनाव, सत्ता परिवर्तन और सत्ता संघर्ष का भी केन्द्र रहा। सबसे पहले बात दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की करते है, जहां राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 20 जनवरी को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में शपथ ली। इसके बाद उन्होंने 21 जनवरी को सार्वजनिक रूप से शपथ ली। ओबामा ने वर्ष 2012 में हुए चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को हराया था।

14 मार्च 2013 को शी जिनपिंग को औपचारिक रूप से चीन का राष्ट्रपति और सैन्य प्रमुख चुन लिया गया। उन्होंने हू जिन्ताओं की जगह ली। चीन में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया के तहत सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के दूसरे स्थान के नेता ली कुचियांग को 15 मार्च को देश का नया प्रधानमंत्री चुना गया।

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 14 अप्रैल 2013 को राष्ट्रपति चुनाव संपन्न हुए थे। इन चुनावों में कार्यवाहक राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ही मामूली अंतर से नए राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। कई सालो से कैंसर से जूझ रहे वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्ययूज शावेज का 5 मार्च को निधन हो गया था।

इटली के राष्ट्रपति जिआर्जियो नैपोलितानों 20 अप्रैल 2013 को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए इस पद पर पुन: निर्वाचित हुए। इटली की संसद में इसके लिए 20 अप्रैल 2013 को चुनाव हुए थे। 5 मई को मलेशिया में संपन्न संसदीय चुनाव में सत्तारूढ़ बैरिसन नेशनलराष्ट्रीय गठबंधन सत्ता पर अपना कब्जा बरकरार रखने में सफल रहा। चुनावों के बाद 16 मई 2013 को निवर्तमान प्रधानमंत्री नजीब रजाक लगातार दूसरे कार्यकल के लिए प्रधानमंत्री बनाए गए।


भारत के पड़ोसी देश नेपाल के लिए 2013 संविधान सभा के चुनाव की सरगर्मियों का साल रहा और जनवरी से दिसम्बर तक पूरे वर्ष देश की राजनीतिक हलचल इसी चुनाव के इर्द-गिर्द केन्द्रित रही। वहीं बंगलादेश में युद्ध अपराधी जमात-ए-इस्लाम के नेता अब्दुल कादिर मुल्ला को पिछले साल जनवरी में मौत की सजा सुनाए जाने के कारण धरना प्रदर्शन का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह पूरे साल राजनीतिक अस्थिरता पैदा करता रहा और 12 दिसम्बर को मुल्ला को फांसी देने के बाद भी जारी रहा।

वर्ष 2013 की महत्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय घटनाओं में नए पोप का चयन भी उल्लेखनीय है। कैथोलिक ईसाई धर्म के 600 साल के इतिहास में पहली बार पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने इस वर्ष 28 फरवरीको अपने पद से इस्तीफा दे दिया1इससे पहले पोप ग्रेगेरी बारहवें ने 1415 में इस्तीफा दिया था। कार्डिनलों की कानक्लेव ने 13 मार्च को उनके उत्तराधिकारी के रूप में पोप फ्रांसिस का चुनाव किया। वह 266वें पोप है और लातिन अमेरिका से इस पद पद आसीन होने वाले पहले काॢडनल है।

पिछला वर्ष ब्रिटेन के शाही परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर भी आया। बाइस जुलाई 2013 को ब्रिटेन के शाही परिवार में नन्हा मेहमान आया। प्रिंस विलियम की पत्नी केट मिडिलटन ने एक बेटे को जन्म दिया। यह बच्चा अपने दादा प्रिंस चार्ल्स तथा पिता विलियम के बाद ब्रिटिश राजगद्दी का तीसरा उत्तराधिकारी है।

वर्ष 2013 की अहम अन्तर्राष्ट्रीय घटनाओं में कुछ देशों के तूफान की चपेट में आना भी शामिल है। ब्रिटेन अक्तूबर 2013 में 'सेंड जूड' नाम के तूफान की चपेट में रहा। अक्तूबर में ही जापान के मध्य और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आए 'वीफा' तूफान से 17 लोग मारे गए थे। लेकिन सबसे ज्यादा कहर नवम्बर में फिलीपींस में आए हैयान तूफान ने बरपाया। वर्ष 2013 के सर्वाधिक शक्तिशाली इस तूफान से 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई।

जिम्बाब्बे में 31 जुलाई 2013 को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए। इस चुनाव में निवर्तमान राष्ट्रपति राबर्ट मुगाबे ही राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित किये गए। इस अफ्रीकी देश में राष्ट्रपति पद के लिए यह सातवें चुनाव थे। इन सभी चुनावों में मुगाबे ही राष्ट्रपति निर्वाचित हुए है।

आस्ट्रेलिया में सितम्बर 2013 को हुए आम चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी के टोनी एबोट ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। उनके गठबंधन को चुनावों में भारी जीत मिली। प्रधानमंत्री केविन रड की पार्टी को मिली करारी हार के साथ ही लेबर पार्टी का छह साल का शासन खत्म हो गया।

11 मई 2013 को पाकिस्तान में हुए चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सत्ता में वापसी की और वह प्रधानमंत्री बने। यहां पहली बार एक लोकतांत्रिक सरकार ने दूसरी चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपी। शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ममनून हुसैन राष्ट्रपति चुनाव में भारी मतों से निर्वाचित हुए। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का कार्यकाल 08 सितम्बर 2013 को पूरा हो गया था।

14 जून 2013 को ईरान में संपन्न राष्ट्रपति चुनाव में सुधारवादी नेता और पूर्व परमाणु वार्ताकार हसन रोहानी नए राष्ट्रपति चुने गए। भूटान में पांच वर्ष के अन्तराल के बाद 13 जुलाई को चुनाव संपन्न हुए। इस चुनाव में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता शेरिंग तोबगे प्रधानमंत्री बने।  मालदीव में नवम्बर में हुए चुनावों में अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम नये राष्ट्रपति चुने गए। दिसम्बर 2013 में एंजेला मर्केल तीसरी बार जर्मनी की चांसलर चुनी गई।

इसके अलावा बीते वर्ष मिस्र, सीरिया और दक्षिण सूडान में संघर्ष का सिलसिला चलता रहा। मिस्र में क्रांति के जरिये पूर्व तानाशाह होस्नी मुबारक को अपदस्थ करने के बाद पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रपति निर्वाचित हुए मुस्लिम ब्रदरहुड के मोहम्मद मोरसी को भी 3 जुलाई को सेना ने अपदस्थ कर दिया। इसे मिस्र की दूसरी क्रांति कहा गया है। दशको तक चले गृहयुद्ध के बाद सूडान से अलग होकर 2011 में अस्तित्व में आए नए देश दक्षिण सूडान में नेतृत्व को लेकर जारी तनातनी के कारण पिछले साल दक्षिण सूडान गृहयुद्ध के कगार पर पहुंच गया।

सत्ता में बदलाव के नाम पर सीरिया में गृहयुद्ध का भीषण दौर पिछले साल भी जारी रहा। पिछले दो सालों में इस संघर्ष में करीब एक लाख लोग मारे जा चुके है। पिछले वर्ष सीरियाई सेना पर अपने ही नागरिकों पर रासायनिक हथियारों से हमले करने के भी आरोप लगे। सीरियाई विपक्षी नेताओ का आरोप था कि 22 अगस्त 2013 को सीरियाई सेना के रासायनिक हथियारों के हमले में 1400 से अधिक लोग मारे गए हैं।


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