बंगलादेश की प्रधानमंत्री पर फिर से चुनाव कराने का दबाव

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Tuesday, January 07, 2014-3:55 PM

ढाका: बंगलादेश के चुनाव के बाद अब प्रधानमंत्री शेख हसीना पर अमेरिका सहित अन्य देशों का फिर से चुनाव कराने और उसमें सभी प्रमुख पार्टियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है लेकिन शेख हसीना ने इससे साफ इनकार कर दिया है और कहा है कि विपक्ष के बहिष्कार से चुनाव अवैध नहीं हो जाता। संयुक्त राष्ट्र महासचिव वानकी मून ने बंगलादेश के चुनाव में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा तथा उसमें वहां के लोगों की मृत्यु पर जहां दुख व्यक्त किया है। वहीं ब्रिटेन ने कहा है कि किसी देश में लोकतंत्र को तभी परिपक्व माना जाएगा।

 

जब चुनाव विश्वसनीय ढंग से होंगे और मतदाता स्वतंत्र ढंग से अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। प्रधानमंत्री शेख हसीना की विरोधी बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी की खालिदा जिया ने पांच जनवरी को कराये गये चुनाव को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है और फिर से चुनाव कराने की मांग की है। खालिदा जिया दो सप्ताह से अपने घर में गृहकैद की स्थिति में है। उन्होंने फिर से विश्वसनीय तथा निष्पक्ष ढंग से फिर से चुनाव कराने और देश में तटस्थ कामचलाऊ सरकार गठित करने की मांग की है।

 

उन्होंने कहा है कि पांच जनवरी के चुनाव रद्द किए जाने चाहिए। उनका कहना है कि अवामी लीग को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है। प्रधानमंत्री शेखर हसीना ने विपक्ष की चुनाव की आलोचना को खारिज कर दिया है और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया तथा अन्य विपक्षी दलों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।

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