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सिंगापुर दंगा मामला: तीन भारतीयों ने लगाया पुलिस पर बुरे बर्ताव का आरोप

  • सिंगापुर दंगा मामला: तीन भारतीयों ने लगाया पुलिस पर बुरे बर्ताव का आरोप
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Thursday, January 09, 2014-4:55 PM

सिंगापुर: सिंगापुर में 8 दिसंबर को दंगा मामले में कथित भूमिका के लिए यहां की अदालत में आरोपों का सामना कर रहे तीन भारतीयों ने पुलिस के जुल्म पर यहां आंतरिक मामलों के कार्यालय (आईएओ) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ के अनुसार, तीनों में पर्यटक के तौर पर सिंगापुर आने वाले एक आईटी उत्पाद प्रबंधक अरूण कलीमूर्ति (28), यहां पर काम करने वाले राजेंद्रन मोहन (25) और रवि अरूण वेंगटेश (24) पर कथित तौर पर दंगे का आरोप लगाया गया है। तीनों ने आरोप लगाया है कि दंगे में अपनी भूमिका कबूल कराने के लिए उन्हें शारीरिक प्रताडऩा दी गई। उन्हें बेइज्जत किया गया और धमकी दी गई।

तीनों जमानत पर बाहर हैं। दंगे के बाद उन्हें विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया। हिंसा के मामले में कुल 25 भारतीय आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके वकील एम. रवि ने आईएओ से आरोपों की ‘पारदर्शी और निष्पक्ष’ जांच का अनुरोध किया।

मोहन ने कहा कि बेकसूर होने के बावजूद दंगे में संलिप्तता स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया। खबर में कहा गया है कि मोहन से कहा गया कि अगर वह यह नहीं कबूलते हैं तो उन्हें ‘शव बैग में घर भेज दिया जाएगा।’ कालीमूर्ति ने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें थप्पड़ जड़ा और घूंसा मारा, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल थी। दुव्र्यवहार के पहले आरोप अदालत में 17 दिसंबर को सामने आए। इस पर सिंगापुर के गृह मामलों के मंत्री एस. ईश्वरन ने कहा कि इस तरह के आरोपों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।

गौरतलब है कि सिंगापुर में पिछले 40 साल में भड़की सबसे भीषण हिंसा में 39 होम टीम-पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे और 25 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। उनके वकील एम. रवि ने आईएओ से आरोपों की ‘पारदर्शी और निष्पक्ष’ जांच का अनुरोध किया। आईएओ सिंगापुर पुलिस बल की एक स्वतंत्र इकाई है, जो कार्यकाल के दौरान विभिन्न अधिकारियों द्वारा अंजाम दिए गए अपराधों की जांच करती है। सिंगापुर में इससे पहले 1969 में इस तरह की हिंसा भड़की थी।

 

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