श्रीलंका के युद्ध अपराधों की जांच चाहता है अमेरिका

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Sunday, January 12, 2014-7:07 PM

कोलंबो: लिट्टे के खिलाफ करीब एक दशक तक चले गृह युद्ध के अंतिम चरण में हुए मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघनों के संबंध में अमेरिका के शीर्ष राजनयिक द्वारा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाने के बाद अमेरिका ने आज श्रीलंकाई सेना पर लगे आरोपों की स्वतंत्र और प्रमाणिक जांच कराने पर जोर दिया है। ऑफिस ऑफ ग्लोबल क्रिमिनल जस्टिस में अमेरिका एम्बेसडर-एट-लार्ज स्टिफन जे. रैप अपना एक सप्ताह का श्रीलंका दौरा समाप्त किया है।

इस यात्रा के दौरान अमेरिकी मिशन के ट्वीट में देश के उत्तरी भाग की तस्वीरें आदि शामिल हैं। कथित रूप से इसी क्षेत्र में श्रीलंकाई सेना की गोलाबारी से बड़ी संख्या में नरसंहार हुआ था। अमेरिका दूतावास की ओर से जारी बयान के अनुसार, रैप ने मानवाधिकार उल्लंघन के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सुने । उन्होंने युद्ध के अंत में हुए उल्लंघनों के बारे में भी सुना।

श्रीलंकाई सेना ने तमिल टाइगर विद्रोहियों को मई 2009 में हरा दिया था। दावा किया जाता है कि गृह युद्ध के अंतिम दौर में 40,000 से ज्यादा जातीय तमिलों की हत्या कर दी गई थी। इन हत्याओं की जांच कराने की लगातार मांग की जा रही है। लेकिन कोलंबो हमेशा इन मांगों पर टाल-मटोल करता रहा है। श्रीलंका ने युद्ध में 40 हजार तमिलों के मारे जाने के आरोपों को खारिज किया है।


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