चीन-पाक परमाणु सहयोग की आलोचना कर रहे हैं भारत, अमेरिका

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Monday, January 13, 2014-7:37 PM

बीजिंग: चीन के एक विशेषज्ञ ने कराची में बीजिंग की ओर से दो परमाणु रिएक्टर का निर्माण किए जाने को लेकर भारत और अमेरिका की आलोचना को अनुचित करार देते हुए कहा है कि इन देशों के चिंता व्यक्त करने का मकसद चीन-पाकिस्तान सहयोग को बाधित करना है। सिचुआन विश्वविद्यालय के पाकिस्तान स्टडी सेंटर के कार्यकारी निदेशक चेन जिदोंग ने सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ में लिखे संपादकीय में कहा, ‘‘इस सहयोग से पाकिस्तान को बिजली संकट से निपटने में मदद मिलेगी और चीन तथा पाकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को गहरा करेंगे।’’

उन्होंने भारत और अमेरिका की ओर से आलोचना किए जाने का हवाला देते हुए लिखा, ‘‘जो चिंताएं जताई गई हैं वो बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच परमाणु सहयोग को बाधित करने के अलावा कुछ भी नहीं हैं। जो लोग यह चिंता कर रहे हैं यह सहयोग सैन्य उपयोग के लिए हो सकता है तो उन्हें अमेरिका और भारत के बीच के सहयोग को लेकर भी इसी तरह की चिंता जतानी चाहिए।’’ कराची में 1,100 मेगावाट के दो परमाणु रिएक्टरों का निर्माण चीन की मदद से किया जा रहा है। चीन इसके लिए 6.5 अरब डॉलर का कर्ज दे रहा है।


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