नास्तिक होने के कारण नहीं लौट सका अपने वतन!

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Wednesday, January 15, 2014-4:36 PM

लंदन: 2007 से ब्रिटेन में रहने वाले एक अफगान नागरिक को धार्मिक आधार पर शरण दी गई है। इस युवक की आयु 22 वर्ष है और यह व्यक्ति ब्रिटेन में इस तरह शरण पाने वाला संभवतः पहला व्यक्ति है।

इस युवक की पहचान को गुप्त ही रखा गया है। युवक के वकील ने बताया कि 2007 में वह ब्रिटेन आया था और उसके बाद उसका इस्लाम से विश्वास उठ गया। वकील ने कहा, ''अगर अब वह अफगानिस्तान वापस जाता है तो उसे मौत की सजा हो सकती है, क्योंकि इस्लाम की अवमानना शरियत के कानून के हिसाब से अपराध है।''

इस युवक का केस तैयार करने में मदद करने वाली केंट यूनिवर्सिटी के कानून की स्टूडेंट क्लेयर स्पलॉन ने बताया कि धार्मिक कारणों से मिलने वाली सजाओं से सुरक्षा के दायरे में उन लोगों को भी लाना चाहिए, जो ईश्वर के प्रति नास्तिक हैं।


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