थाइलैंड में विपक्ष की रैली में विस्फोट, 22 घायल

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Friday, January 17, 2014-5:35 PM

बैंकाक: बैंकाक में आज सरकार विरोधी एक रैली को निशाना बना कर फेंके गए एक ग्रेनेड के फटने से कम से कम 22 लोग घायल हो गए।
अज्ञात हमलावरों का यह ताजा हमला प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा को हटाने की मांग कर रहे विपक्षी समर्थकों पर हुआ। विस्फोट से एक ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। विपक्षी नेता और पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स कमेटी मूवमेंट के प्रमुख सुथेप थाउगसुबान इस रैली का नेतृत्व कर रहे थे। हमले में उन्हें कोई चोट नहीं आई।

एक अधिकारी ने बताया कि तीन मंजिला एक इमारत से रैली पर ग्रेनेड फेंका गया। सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने सोमवार से थाइलैंड की राजधानी की बड़ी सड़कें अवरूद्ध कर रखी हैं। यह कार्रवाई बैंकाक बंद करने और 46 वर्षीय प्रधानमंत्री को पद से हटाने के लिए चलाए जा रहे उनके अभियान का हिस्सा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी दो माह से यिंगलक के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। हालांकि यह पार्टी बीते दो दशक से चुनाव नहीं जीत पाई है।

प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि यिंगलक और उनके भाई पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा थाइलैंड की राजनीति से बिल्कुल अलग रहें। थाकसिन वर्ष 2006 में हुए एक विद्रोह में पदच्युत कर दिए गए और अब वह आत्मनिर्वासन में दुबई में रह रहे हैं। यिंगलक ने 2 फरवरी को मध्यावधि चुनाव कराने का आह्वान किया है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि वह चुनाव का बहिष्कार करेगा। थाइलैंड के चुनाव आयोग ने आगाह किया है कि अगर चुनाव हुए तो नागरिक असंतोष उभर सकता है।

पांच निर्वाचन आयुक्तों में से एक सोमचाई सृसुतियाकोर्न ने कहा कि मई तक चुनाव टालने से दोनों पक्षों के बीच हालात सामान्य करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि चुनाव की अवधि आगे बढ़ाने से सुधारों को लागू किया जा सकता है या कानून में बदलाव किया जा सकता है, जैसा कि प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं। सोमचाई ने कहा, प्रतीत होता है कि सरकार दो फरवरी को चुनाव आयोजित कर युद्ध चाहती है। ‘‘नेशन’’ अखबार ने सोमचाई को यह कहते हुए उद्धृत किया है ‘‘अगर हम ऐसे ही अड़े रहे तो हालात बहुत बिगड़ जाएंगे।’’

उन्होंने चेताया कि जो लोग शीघ्र चुनाव नहीं चाहते, वह दंगे कर सकते हैं। अगर कानून तोडऩे वाले मतदाताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती है तो लोगों का गुस्सा भड़क सकता है। बुधवार को यिंगलक ने 37 दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद कहा कि ज्यादातर प्रतिनिधियों ने तय समय पर चुनाव कराने के बारे में ही सहमति जताई। सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रवक्ता औमनुय ख्लांगफा ने कल कहा कि अगर 2 फरवरी को चुनाव नहीं कराए गए तो वह चुनाव आयुक्तों पर मुकदमा दायर करेंगे।

एक आपात चिकित्सा सेवा ने बताया कि एक अन्य घटना में एक चौराहे पर आज कम तीव्रता का बम फटने से दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए। ‘‘नेशन’’ अखबार ने कहा है कि पीडीआरसी के प्रवक्ता एकानत प्रोमफैन के अनुसार, सरकार विरोधी आंदोलन पर उसके 8 नए रैली स्थलों के प्रबंधन के लिए एक करोड़ बहात से ज्यादा की रकम खर्च की जा रही है। पीडीआरसी के एक सूत्र ने बताया कि प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले थाउगसुबान दक्षिणी थाइलैंड में अपनी कुछ जमीन बेच चुके हैं।

प्रधानमंत्री यिंगलक को झटका देते हुए भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने कल उनकी सरकार की विवादास्पद चावल सब्सिडी योजना की जांच शुरू कर दी। राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ‘एनएसीसी’ की एक समिति ने कहा है कि अन्य संदिग्धों के साथ साथ, अनियमितताओं में संलिप्तता के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। यह पैनल आगे की जांच के लिए आयुक्तों को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। दोषी पाए जाने पर यिंगलक को इस्तीफा देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।


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