अपने बेशकीमती सींग के कारण बलि चढ़ रहे गैंडे

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Saturday, January 18, 2014-4:36 PM

जोहान्सबर्ग: दक्षिण अफ्रीका के पर्यावरण मंत्रालय ने आज कहा कि शिकार किए गए गैंडों की संख्या वर्ष 2013 में एक हजार से अधिक पहुंच गई, जो कि वर्ष 2012 से 50 प्रतिशत अधिक है। वियतनाम तथा चीन जैसे एशियाई देशों में दवा उद्योग के लिए गैंडे तथा अन्य जानवरों के सींगों की मांग बहुत अधिक है।

पर्यावरण के मामलों जानकारों का कहना है कि गैंडे के एक किलोग्राम वजनी सींगों की कीमत लगभग 40 लाख रूपये है, जो प्लेटिनम, स्वर्ण तथा अफीम से भी कहीं अधिक महंगा है। तेज गति से शिकार होते गैंडों की संख्या अफ्रीका तथा अन्य देशों में तेजी से घट रही है। यह घटती संख्या सरकार के लिए भी मुश्किलें खड़ी करती है कि गैंडों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

अधिकतर गैंडों का शिकार यहां के प्रमुख क्रूगर नेशनल पार्क में किया गया, जिसमें गत वर्ष 606 गैंडों तथा वर्ष 2012 में 425 गैंडों को मार दिया गया गया। सरकार की ओर से इन शिकारियों को कब्जे में करने के लिए सैनिको तथा ड्रोन विमानों का उपयोग किया जा रहा है। माना जाता है कि यह शिकारी मोजाम्बीक की सीमा की ओर से आते हैं तथा ग्रामीण लोगों को लालच देकर उनसे गैंडों का शिकार कराते हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष कर शुरुआत से अभी तक कुल 37 गैंडों का शिकार किया जा चुका है। दक्षिण अफ्रीका में गैंडों की कुल आबादी लगभग 20 हजार के आस-पास है। इसके अलावा यहां हाथी के दांतों के लिए उनका शिकार भी किया जाता है।


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