सेना की चेतावनी: मतभेद सुलझाए थाई सरकार और प्रदर्शनकारी

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Sunday, January 19, 2014-3:52 PM

बैंकाक:  थाईलैंड में सेना ने एक बार फिर सरकार और प्रदर्शनकारियों तथा विपक्ष को जल्द से जल्द मतभेद सुलझा लेने की चेतावनी दी है। सेना के सुप्रीम कमांडर तानासक पातिमपाकोर्न ने कल सेना दिवस परेड के बाद कहा, "देश को संभालने में हम सब को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए।"

हालांकि सत्ता में किसी प्रकार की दखलअंदाजी की बात को दरकिनार करते हुए उन्होंने कहा, "सरकार और सेना के बीच संबंध सामान्य हैं। हमें कानून-व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए।  मैं सभी पक्षों का सम्मान करता हूं और उनसे वार्ता के जरिए हल निकालने का अनुरोध करता हूं।" बैंकाक पोस्ट डेली नामक अखबार से बात करते हुए तानासक कहा कि प्रधानमंत्री बनने या वर्तमान विरोध प्रदर्शनों को समाप्त करने के लिए सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच मध्यस्थता करने में उनकी कोई रुचि नहीं है?

देश के 81 साल के इतिहास में सेना 18 बार तख्तापलट का प्रयास कर चुकी है, जिसमें कई सफल भी रहे हैं। लेकिन इस बार गत नवंबर से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में सेना अब तक तटस्थ रही है। हालाँकि इससे पहले भी एक बार सेना दोनों पक्षों से उनके मतभेद जल्द सुलझाने के लिए कह चुकी है।

 इस बीच पूर्व उपप्रधानमंत्री सुथेप सागसुबान के नेतृत्व में आज भी हजारों प्रदर्शनकारियों ने ने राजधानी में मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री यिंगलक शिनवात्रा के त्यागपत्र की माँग कर रहे हैं। वे अगले महीने की 2 तारीख को सरकार द्वारा घोषित चुनाव का भी बहिष्कार कर रहे हैं। उनकी माँग है कि 'अच्छे लोगों' की एक सर्वशक्ति संपन्न 'जनपरिषद्' बनाकर सत्ता उसके हाथ में सौंपी जाये।

इस बीच यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि गत शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों पर हुये बम हमले के पीछे किसका हाथ था। सुथेप ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन पुलिस हमलावरों का पता लगाने में नाकाम रही है। कल रात भी एक अज्ञात हमलावर ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई थी, जिसमें एक प्रदर्शनकारी घायल हो गया है।


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