एक बार फिर ओबामा ने किया जासूसी कार्यक्रम का बचाव

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Sunday, January 19, 2014-5:13 PM

बर्लिन: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बार फिर विवादित अमेरिकी जासूसी कार्यक्रम का बचाव किया है। एक जर्मन टीवी चैनल पर कल एक साक्षात्कार के दौरान ओबामा ने कहा कि यदि हमें वहीं जानना होता, जो अखबारों में छप रहा है तो फिर खुफिया एजेंसियों की जरूरत ही क्या है।

उन्होंने कहा, "यदि खुफिया एजेंसियाँ वहीं जानकारी जुटा पाती हैं, जो स्पीगल (जर्मन पत्रिका) या न्यूयॉर्क टाइम्स में छपती हैं तो फिर उनकी जरूरत क्या है। परिभाषा के हिसाब से उनका काम यह पता लगाना है कि लोग क्या योजना बना रहे हैं, उनके दिमाग में क्या चल रहा है, उनका लक्ष्य क्या है। यह हमारे कूटनीतिक और राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने में मददगार होता है।"

ओबामा ने कहा कि जासूसी में अमेरिकी एजेंसियों की क्षमता दूसरे कई देशों के मुकाबले काफी अधिक है, और इसका यह भी मतलब होता है कि 'अमेरिका पर अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है।' पिछले साल सीआईए के पूर्व एजेंट एडवर्ड स्नोडेन ने अमेरिकी खुफिया निगरानी कार्यक्रम प्रिज्म का खुलासा किया था।

इससे पता चला कि अमेरिका दुनिया के लगभग हर देश के बड़े नेताओं, व्यापारियों और महत्वपूर्ण लोगों के फोन और ई-मेल की जासूसी कर रहा है। इस खुलासे से छवि को काफी नुकसान पहुंचा और कई देशों के साथ उसके संबंधों में तनाव आ गया था। तब से कई बार अमेरिका अपने जासूसी कार्यक्रमों का बचाव कर चुका है, हालांकि राजनीतिक दबाव के कारण उसे इन कार्यक्रमों का दायरा भी कम करना पड़ा है।

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