'आन' को समर्पित स्मारक, जापान नाराज

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Tuesday, January 21, 2014-7:36 PM

टोक्यो: चार बार जापान के प्रधानमंत्री रहने का गौरव प्राप्त करने वाले हिरोभूमि हितो के कोरियाई हत्यारे आन जुंग ग्यून को समर्पित एक स्मारक का निर्माण करके चीन ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। हितो जापान के पहले, पांचवें, सातवें और दसवें प्रधानमंत्री थे। 1905 में जापान और कोरिया के बीच हुई यूसला संधि से खफा होकर आन ने 1909 में चीन के हार्बिन शहर के रेलवे स्टेशन पर हितो की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इस संधि के कारण कोरिया की राजनीतिक संप्रभुता खत्म हो गई थी और वह जापान के संरक्षण में चला गया था। आन को 1910 में ही फांसी की सजा दे दी गई थी लेकिन चीन और कोरिया में उसे अब भी एक देशभक्त और क्रांतिकारी के रूप में देखा जाता है। चीन ने हार्बिन शहर के रेलवे स्टेशन पर ही आन को समर्पित एक स्मारक बनाया है जिससे जापान नाराज है।

जापान ने कहा कि हार्बिन में आन की स्मारिका की स्थापना चीन और दक्षिण कोरिया का सुनियोजित कदम है और इससे इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता खतरे में पड़ गई है। चीन और जापान के संबंध पहले से ही तल्ख हैं। चीन सागर में विवादित द्वीपों के मालिकाना हक को लेकर पहले से ही दोनों देश आमने सामने हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जापान की युद्ध स्मारिका से चीन नाराज रहता है। इसीलिए उसने जापान को परेशान करने के लिए आन को समर्पित स्मारक स्थापित किया है।


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