'पोलियो अभियान में नाइजीरिया व पाकिस्तान डाल सकते हैं रूकावट'

  • 'पोलियो अभियान में नाइजीरिया व पाकिस्तान डाल सकते हैं रूकावट'
You Are HereInternational
Wednesday, January 22, 2014-12:41 PM

न्यूयॉर्क: समाज कल्याण के क्षेत्र में योगदान देने वाले सॉफ्टवेयर जगत के अरबपति बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि नाइजीरिया और पाकिस्तान में हिंसा के कारण वर्ष 2018 तक पोलियो को पूरी तरह खत्म करने का उनका लक्ष्य पिछड़ सकता है। वर्ष 2013 में ‘द बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ नामक कल्याणार्थ संस्था ने पोलियो को अगले छह साल में पूरी तरह हटा देने को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बनाया था। यह संस्था चिकित्सीय शोधों और टीकाकरण अभियानों को धन उपलब्ध करवाती है।

इस अभियान में अपने धन का एक बड़ा हिस्सा लगा देने वाले और साथी अरबपति लोगों को भी योगदान के लिए प्रोत्साहित करने वाले माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक ने कल एएफपी को दिए साक्षात्कार में कहा कि इस अभियान के अभी भी बड़ी चुनौतियां जुड़ी हैं। भारत एक ऐसा देश है, जहां यह बीमारी सबसे भयावह स्थिति में थी। लेकिन आज भारत तीन साल तक पोलियो मुक्त भारत का जश्न मना चुका है।

पोलियो बचपन में होने वाली एक ऐसी बीमारी है, जिससे टांगें खराब हो जाती हैं। लेकिन अफगानिस्तान, नाइजीरिया और पाकिस्तान में इस बीमारी का खतरा आज भी बरकरार है। युद्ध प्रभावित सोमालिया और सीरिया में दोबारा संक्रमण के भी मामले हैं, जिसके चलते इस बीमारी के उन इलाकों में फैलने का खतरा है, जो इससे मुक्त हो चुके हैं।

गेट्स ने कहा, ‘‘नाइजीरिया और पाकिस्तान में स्थिति कठिन साबित होने वाली है। पाकिस्तान में हिंसा एक बुराई है।’’ उन्होंने शिकायत करते हुए कहा कि वहां की स्थानीय साजिशों के चलते पोलियो मुक्ति अभियान में कमी आई है। उन्होंने कहा, ‘‘सच्चाई तो यह है कि टीकाकरण बच्चों की मदद के लिए है, जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं और कार्यकर्ताओं पर हमले कर रहे हैं। वे दरअसल सत्य और न्याय के पक्ष में नहीं हैं। अगर हम इसमें मदद नहीं कर पाते तो अपना लक्ष्य हासिल करने में एक या दो साल की देरी हो सकती है। राष्ट्रपति, धार्मिक नेता अैर उस देश के बहुत से समर्थक सच का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।’’

गेट्स के संबोधन से कुछ ही घंटे पहले पाकिस्तान के शहर कराची में तीन पोलियो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन्हें सिंध के पूरे दक्षिणी प्रांत में टीकाकरण निलंबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। पिछले सप्ताह विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान का उत्तरपश्चिमी शहर पेशावर इस बीमारी का ‘सबसे बड़ा घर’ है। पाकिस्तानी तालिबान की ओर से इसका विरोध और उत्तरी नाइजीरिया में इस्लामी उग्रवाद के कारण भी यह अभियान प्रभावित हुआ है। वैश्विक पोलियो उन्मूलन प्रयास ने पिछले नवंबर में कहा कि वर्ष 2013 में विश्व भर में इस बीमारी के 328 मामलों में से 51 नाइजीरिया के थे। वर्ष 2012 में कुल 223 मामलों में से नाइजीरिया के 121 मामले थे।

लेकिन पाकिस्तान में यह संख्या ज्यादा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पाकिस्तान में वर्ष 2012 में कुल 58 मामले थे, जबकि पिछले साल यह संख्या बढ़कर 91 हो गई थी। गेट्स ने एएफपी को बताया, ‘‘पाकिस्तान में संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन यह उतनी ज्यादा नहीं है। इसलिए हम अपने लक्ष्य के काफी पास हैं।’’ गेट्स संस्था 30 अरब डॉलर प्रति वर्ष पोलियो कार्यक्रमों पर खर्च करती है और अमेरिकी कांग्रेस ने भी इसके लिए अतिरिक्त धन आवंटित कर रखा है।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You