आपातकाल लागू किए जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन का प्रयास

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Wednesday, January 22, 2014-5:22 PM

बैंकॉक: थाईलैंड की राजधानी तथा आस-पास के क्षेत्रों में आज से आपातकाल लागू हो जाने के बावजूद जहां विरोधी विरोध प्रदर्शन का प्रयास कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा के गढ़ उत्तर-पूर्व क्षेत्र में सरकार समर्थक एक नेता को गोली मार दी गई, जिससे वह घायल हो गए।

बैंकाक में स्थिति लगभग सामान्य है और लोग सामान्य रुप से अपने काम से निकल रहे हैं। पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास नहीं कर रही है, जिस परिसर से प्रधानमंत्री यिंगलक अपना काम कर रही हैं। वहां भी किसी को जाने से नहीं रोका जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उनका प्रयास विरोध प्रदर्शन को बढऩे से रोकना है। विरोध प्रदर्शन के चलते शहर के एक भाग का कामकाज पिछले दो महीने से ठप पड़ा हुआ है।

सरकार ने 60 दिन के लिए आपातकाल कल लागू किया था। इसके चलते सुरक्षा एजेंसियों को व्यापक अधिकार मिल गए हैं। वे कर्फ्यू लागू करने के अतिरिक्त पांच व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने पर रोक लगा सकती है और संदेह की स्थिति में किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है।

आपातकाल लागू होने के बावजूद राजनीतिक गतिरोध के हिंसा का रूप लेने का खतरा बना हुआ है। लालकुर्ती नेता क्रानचाई प्रैपना को जिन्होंने पहले सैनिक क्रांति के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी उन्हें आज गोली मार दी गई। गोली उनके हाथ और पैर में लगी। गोली किसने मारी इसकी अभी जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि गोली राजनीतिक बदले की भावना से मारी गई। उनके घर पर 39 गोलियों के खोखे मिले। उन्होंने अपने प्रांत में सरकार के समर्थन में हजारों प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया था।

गौरतलब है कि बैंकाक में जब से सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरु हुआ, नौ व्यक्ति मारे जा चुके हैं। सेना प्रमुख कह चुके हैं कि अगर हिंसा बढ़ती है, तो सेना हस्तक्षेप कर सकती है।
 


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