थाईलैंड: चुनाव तिथि पर अदालत के फैसले का इंतजार, प्रदर्शन जारी

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Thursday, January 23, 2014-7:20 PM

बैंकाक: थाईलैंड की अदालत ने देश में दो फरवरी को होने वाले विवादित चुनाव के भविष्य पर विचार करने का फैसला किया है। जबकि दूसरी ओर राजधानी और आसपास के इलाकों में आपात स्थिति लागू होने के बावजदू प्रधानमंत्री यिंगलुक सिनवात्रा को हटाने को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन लगातार जारी है।

चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए इस मामले पर थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने सर्वसम्मति से कल फैसला करने का निर्णय लिया है। अदालत के फैसले से तय होगा की देश में चुनाव कराने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है या फिर प्रधानमंत्री यिंगलुक के नेतृत्व वाली कार्यकारी सरकार के पास। बैंकाक पोस्ट की खबर के अनुसार, अदालत ने कहा कि दो पक्षों के बीच वैचारिक मतभेदों को सुलझाना उसकी जिम्मेदारी है।

देश में दो फरवरी को चुनाव कराने के संबंध में शाही आदेश जारी होने के बावजूद चुनाव आयोग ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह नए सिरे से चुनाव की घोषणा करने के अधिकार के संबंध में विभिन्न कानूनी विवेचनाओं पर अपना फैसला दे। थाईलैंड की कार्यकारी सरकार बार-बार यह कहती रही है कि शाही फरमान के खिलाफ फैसला देना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है।

जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि नए शाही फरमान के माध्यम से नई तिथि पर चुनाव कराने का फैसला कराना कार्यकारी मंत्रिमंडल की जिम्मेदारी है। थाईलैंड के अधिकारियों ने प्रदर्शन को तेज होने से रोकने के लिए कल बैंकाक में 60 दिन के लिए आपात स्थिति की घोषणा की। इससे सरकार को भीड़ को नियंत्रित करने और मीडिया पर रोक लगाने (सेंसर करने) के अधिकार मिल गए हैं।


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