भारत के साथ सांझेदारी व्यापक और मजबूत: अमेरिका

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Friday, January 24, 2014-10:41 AM

वॉशिंगटन: भारत के 65 वें गणतंत्र दिवस पर भारतीयों को बधाई देते हुए अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि भारत के साथ अमेरिका की सांझेदारी व्यापक और मजबूत है। प्रबंधन और संसाधन उप विदेश मंत्री हीदर हिजिनबॉटम ने कल कहा ‘‘मुख्य बात यह है कि यह (भारत-अमेरिका) सांझेदारी व्यापक और मजबूत है।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और विदेश मंत्री जॉन केरी का संदेश देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘भारत का गणतंत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि भारत के लोकतांत्रिक संस्थान और परंपराएं कितनी मजबूत हैं।’’ यह बात उन्होंने 26 जनवरी से पहले, अमेरिका में भारत के राजदूत एस. जयशंकर द्वारा आयोजित एक समारोह में कही।

हिजिनबॉटम ने कहा, ‘‘भारत का गणतंत्र दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि हमारी जनता तथा हमारी सरकार के बीच मजबूत रिश्ते हैं, जैसा कि हम अक्सर कहते हैं, दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच हमारे पास रणनीतिक साझेदारी है। हमारे सांझा प्रयासों और सांझा हितों ने लगातार हमें आगे बढ़ाया है।’’

हिजिनबॉटम ने कहा, ‘‘हमारे सांझा प्रयासों का दायरा अत्यंत व्यापक है और हमारे सांझा हित हैं, जो हमें लगातार आगे बढ़ाते हैं। हमारे अंतरिक्ष सहयोग की वजह से भारतीय किसानों को मौसम का बेहतर पूर्वानुमान पता चलता है। हमारी घरेलू सुरक्षा वार्ता ने हमारे देशों को आतंकवादी हमलों से सुरक्षित बनाया है। स्वास्थ्य संबंधी हमारी पहलों ने उन खतरनाक रोगाणुओं का पता लगाने की हमारी क्षमता में वृद्धि की है, जिनसे लोगों को खतरा है।’’

उन्होंने कहा ‘‘जलवायु और ऊर्जा के मुद्दों पर हमारे काम से, स्वच्छता की पहलों की खातिर अरबों की राशि जुटाई गई। शिक्षा के क्षेत्र में हमारे करीबी सहयोग से भारत की फैकल्टी और शोधार्थी अमेरिकी विश्वविद्यालयों के करीब आए और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक आदान प्रदान भी हुआ। हमारे व्यापार और निवेश के मजबूत रिश्तों ने दोनों देशों में गरीबी दूर करने और विकास की राह प्रशस्त करने में अहम भूमिका निभाई है।’’

हिजिनबॉटम ने कहा, ‘‘हम 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के करीब पहुंच गए हैं और आगामी वर्षों में इसमें वृद्धि भी होगी, हमारे द्विपक्षीय संबंधों के अलावा, शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए हमारे बीच एक अंतरराष्ट्रीय ढांचा बनाने में मजबूत भागीदारी है। अमेरिका, भारत और जापान त्रिपक्षीय आदान-प्रदान और आसियान क्षेत्रीय फोरम सहित हमारी क्षेत्रीय वार्ताओं ने एशिया, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर में स्थिरता के लिए एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने में मदद की है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे उन्हें कोई संदेह नहीं है कि दोनों देशों की जनता के फायदे के लिए ये संबंध लगातार आगे बढ़ते रहेंगे।

इस मौके पर जयशंकर ने भी विश्वास जताया कि दिसंबर में न्यूयॉर्क में वरिष्ठ भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को वीजा जालसाजी तथा तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने की वजह से दोनों देशों के बीच उत्पन्न तनाव के बाद उनके रिश्ते एक बार फिर सामान्य हो जाएंगे।

जयशंकर ने कहा, ‘‘मैं तीन दशक से भी अधिक समय से इन रिश्तों से जुड़ा हुआ हूं। इस अवधि में मैंने इन रिश्तों में व्यापक बदलाव आते देखा है। ’’ बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने स्विटजरलैंड में सीरिया पर संपन्न अंतरराष्ट्रीय बैठक से अलग भारतीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से मुलाकात की थी। देवयानी प्रकरण के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्च स्तरीय मुलाकात थी।

 


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