जिंदा रहने के लिए 1 वर्ष तक पीता रहा कछुओं का खून

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Tuesday, February 04, 2014-6:01 AM

सिडनी : जिन्दगी मजबूरियों का दूसरा नाम है और कभी-कभी इंसान को ऐसी हकीकतों से गुजरना पड़ता है, जिसकी कल्पना कभी उसने सपने में भी नहीं की होती। शार्क मारने के अभियान पर अपनी नौका पर निकले एक मछुआरे जोस सल्वाडोर अलबारेंगो (37) को समुद्री हवाओं ने 10,000 किलोमीटर दूर मार्शल द्वीप के तट पर फैंक दिया।

वह 18 वर्ष के एक युवक के साथ अभियान पर निकला था, लेकिन वह युवक एक महीने बाद मर गया। अलबारेंगो प्रशांत महासागर में 1 साल तक भटकता रहा और जिंदा रहने के लिए कछुओं का खून पीने के साथ-साथ खाली हाथ से मछलियों और पक्षियों को पकड़ कर अपने पेट की आग बुझाता रहा। पुलिस के एक गश्ती दल को वह अपनी फाइबर ग्लास की 7.3 मीटर नौका के साथ एक मूंगे के द्वीप पर मिला। गश्ती दल ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।


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