अफगानिस्तान: बड़ी संख्या में मारे गए बच्चे और महिलाएं

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Saturday, February 08, 2014-6:21 PM

काबुल: अफगानिस्तान में आतंकवाद के खात्मे के लिए पिछले वर्ष सरकार और आतंकवादियों के बीच संघर्ष में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की ओर से आज जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नागरिकों के मारे जाने की घटनाएं 14 प्रतिशत तक बढ़ी है। इन लड़ाइयों का सर्वाधिक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है।

वर्ष 2012 की तुलना में 2013 में कुल संख्या में से एक तिहाई से अधिक महिलाएं एवं बच्चे घायल हुए हैं अथवा उनकी मौते हुई हैं। मासूम नागरिकों की मौतों का सबसे बड़ा कारण उच्च क्षमता वाले विस्फोटक का इस्तेमाल ही आतंकवादी सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार, सरकारी इमारतों और सड़कों पर बम फेंक देते हैं और नागरिक इसकी चपेट में आ जाते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इन हादसों में 2959 लोग मारे जा चुके है और 5656 घायल हुए है। संयुक्त राष्ट्र एक तिहाई मौतों के लिए तालिबान को जिम्मेदार मानता है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि जान कुबी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि तालिबान के हमले से मासूम नागरिकों को बचाने के लिए केवल बयानबाजी काफी नही है बल्कि तालिबान को नागरिकों पर हमला करना और विस्फोटकों का प्रयोग तत्काल बंद करना चाहिए।


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