अमेरिका में हुआ रिकार्ड स्तर पर टेस्ट ट्यूब बच्चों का जन्म

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Tuesday, February 18, 2014-4:14 PM

न्यूयॉर्क: अमेरिका में 1980 से जब से परखनली तकनीक की शुरूआत की गई है तब से लेकर अब तक वर्ष 2012 में परखनली तकनीक से रिकार्ड शिशुओं का जन्म हुआ है। देश में 1980 के दशक में इस तकनीक के ईजाद होने के बाद से वर्ष 2012 में 61 हजार 740 परखनली बच्चों का जन्म  हुआ है। चिकित्सकों के संगठन सोसायटी फॉर असिस्टेड रिप्रोक्टिव टेकनोलॉजी 'एसएआरटी' की वार्षिक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया।

देश में लगभग 379 चिकित्सालय इस संगठन के सदस्य हैं जो कुल इंफर्टेलिटी क्लीनिक्स के 90 प्रतिशत से अधिक हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 2012 में एक लाख 65 हजार 172 बार इन विट्रो फर्टिलाइजेशन 'आईवीएफ' तकनीक का इस्तेमाल कर गर्भाधान किया गया, जिनमें से 61 हजार 740 में सफलता मिली। यह संख्या वर्ष 2011 में इस तकनीक का इस्तेमाल कर पैदा हुए बच्चों की कुल संख्या से लगभग 2000 अधिक थी।

अमेरिका में 2012 में कुल 39 लाख शिशुओं का जन्म हुआ, जिनमें से 1.5 प्रतिशत से अधिक का जन्म परखनली तकनीक को इस्तेमाल कर हुआ। अमेरिका में शिशु जन्म के लिए परखनली तकनीक की बढ़ती लोकप्रियता देश में महिलाओं के पहली बार शिशु को जन्म देने की
औसत आयु में हुए इजाफे को दर्शाता है क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ शिशु को जन्म देने की क्षमता प्रभावित होती है।

अमेरिका में 1970 में महिलाओं के पहली बार शिशु को जन्म देने की औसत उम्र 21.4 साल थी और अब बढ़कर 26 साल हो गई है। देश में परखनली तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल कृत्रिम तरीकों से कराए जाने वाले गर्भाधान की तकनीकों में इस तकनीक के प्रमुख रूप से आगे आने को दिखाता है, लेकिन इसके बावजूद इस तकनीक के आलोचकों की भी कमी नहीं है। आलोचकों का कहना है कि इस तकनीक सफलता दर को देखते हुए ही यह साफ हो जाता है कि अधिकांश मामलों में यह विफल साबित हुई है।


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