‘आर्थिक गलियारे’ से कश्मीर मुद्दे को कोई नुकसान नहीं होगा: चीन

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Thursday, February 20, 2014-7:04 PM

बीजिंग: विवादित कश्मीर क्षेत्र से होकर गुजरने वाले एक प्रस्तावित ‘आर्थिक गलियारे’ का बचाव करते हुए चीन ने आज कहा कि अरबों डॉलर की इस परियोजना से भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे को कोई नुकसान नहीं होगा। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुयींग ने कहा है कि 2,000 किलोमीटर लंबा गलियारा चीन के शिंजियांग क्षेत्र को दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में स्थित ग्वादर बंदरगाह से जोड़ेगा, जिसका लक्ष्य लोगों के कल्याण में वृद्धि करना है। यह किसी तीसरे पक्ष (देश) को लक्षित नहीं है और इस मुद्दे पर संबद्ध पक्षों (देशों) के रूख को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। 

उन्होंने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘हम चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के निर्माण और ग्वादर बंदरगाह का निर्माण तथा औद्योगिक पार्क का निर्माण एवं अन्य बुनियादी ढांचा निर्माण को आगे बढ़ाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर मुद्दा इतिहास की देन है। पाकिस्तान और भारत को आपस में वार्ता एवं परामर्श के जरिए इसका हल करना चाहिए।’’

हुआ ने बताया कि कल चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके पाकिस्तानी समकक्ष ममनून हुसैन के बीच हुई वार्ता से चीन और पाकिस्तान विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर महत्वपूर्ण आमराय तक पहुंचे हैंं। दोनों नेताओं ने इस प्रस्तावित गलियारे पर चर्चा की। हालांकि, हुआ प्रस्तावित गलियारे के मार्ग के बारे में पूछे गए एक सवाल को टाल गई और कहा, ‘‘जहां तक आर्थिक गलियारे के कश्मीर क्षेत्र से होकर गुजरने का सवाल है, जितना मुझे पता है कि इसके निर्माण के लिए दोनों पक्षों द्वारा एक संयुक्त आयोग का गठन किया गया है।’’

हुसैन की यात्रा के साथ-साथ बीजिंग में आयोग की दूसरी बैठक हो रही है। हुसैन के पिछले साल राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। हुआ ने बताया कि इस बैठक में गलियारे की योजना और निर्माण पर तथा उर्जा एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं जानती कि उन्होंने गलियारे के इस क्षेत्र से गुजरने या ना गुजरने के बारे में बात की या नहीं, लेकिन मैं आपसे कह सकती हूं कि आप उम्मीद करें कि कश्मीर मुद्दे का हल भारत और पाकिस्तान के बीच परामर्श और वार्ता से हो सकता है।’’ शी के अलावा हुसैन ने चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग से भी बात की।


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