इस्लाम की नजर में मगंल पर जाना खुदकुशी के सामान!

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Friday, February 21, 2014-4:43 PM

दुबई: एक ओर जहां दुनिया की बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियां- नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी मंगल ग्रह पर जाने की तैयारियों में लगे हुए हैं,  वहीं दूसरी ओर यूएई के जनरल अथॉरिटी ऑफ इस्लामिक अफेयर्स एंड एन्डोवमेंट (GAIAE) की एक कमिटी ने एक नया फतवा जारी किया है। फतवे में कहा गया है कि मंगल ग्रह पर जाना इस्लाम के खिलाफ है।

खबरों के अनुसार, ये फतवा GAIAE के मौलवियों की एक कमेटी ने तब जारी किया जब 'द मार्स वन ऑर्गेनाईजेशन' ने मंगल ग्रह पर एक स्थाई मानव बेस बनाने की घोषणा की।

खलीज टाइम्स ने GAIAE के हवाले से लिखा- 'मंगल ग्रह के इस एक-तरफा सफर से जिंदगी के लिए भारी खतरा पैदा हो जाएगा और इस्लाम में इसे कभी सही नहीं कहा जाएगा। मंगल पर जाने और वहां रहने की कोशिश करना आत्मघाती होगा और इससे लोगों की जान जा सकती है, जिसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है।'

मंगल के सफर के खिलाफ फतवा जारी करने वाली GAIAE कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. फारुख हम्दा ने कहा कि सभी मुमकिन खतरों से जिंदगी की हिफाजत करने की बात सभी धर्मों में कही गई है। मंगल पर जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों को भारी जोखिम उठाना पड़ेगा और ऐसा भी हो सकता है कि वे जिंदा न बचें। ऐसे में उन्हें खुदकुशी करने वाले की तरह ही देखा जाएगा। इस्लाम खुदकुशी करने की इजाजत नहीं देता है।

उल्लेखनीय है कि  2008 में अस्तित्व में आए यूएई के धार्मिक संगठन GAIAE अब तक अलग-अलग मुद्दों पर लगभग 20 लाख फतवे जारी कर चुका है।


 


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