भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में: न्यूयार्क टाइम्स

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Friday, February 21, 2014-11:33 PM

न्यूयार्क: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर तरह तरह की पाबंदी लगाने के कारण दुनिया भर की आलोचनाओं से घिरे अमेरिका के एक प्रमुख समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स ने भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन किये जाने की कडी निंदा की है। न्यूयार्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में वेंडी डॉनिजर की किताब द हिंदू एन एल्टरनेटिव हिस्ट्री के प्रकाशक पेंग्विन इंडिया द्वारा भारत में इसकी बिक्री रोकने और शेष किताबों को नष्ट करने के परिप्रेक्ष्य में ऐसी कडी टिप्पणी की है।

संपादकीय में लिखा गया है कि प्रकाशक के इस कदम से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करने वालों का मनोबल बढेगा और वे और कई प्रकाशनों पर प्रतिबंध लगाये जाने की मांग करने लगेंगे। मजलिग स्पीच इन इंडिया के शीर्षक से लिखे संपादकीय में लिखा गया है कि भारत के संविधान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित की है लेकिन धर्म के कठमुल्ले औपनिवेशिक काल के कानून का इस्तेमाल करके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन कर रहे हैं।

 समाचार पत्र के मुताबिक हिंदू और मुस्लिम के कट्टर लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन कर रहे हैं और किताबों को आहत कहने वाला बताकर उस पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। भारत के पुराने कानून के कारण ही वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में है। भारत में अब समाचार की रिपोटिग भी मुश्किल हो गयी है। उल्लेखनीय है कि रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर्स ने वल्र्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में अमेरिका केा 180 देशों  की सूची में 46वें स्थान पर रखा है। इस सूची के मुताबिक अमेरिका में प्रेस पर कई पाबंदियां लगी हुई हैं।


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