भारत के साथ जल-बंटवारा चाहता है बांग्लादेश

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Tuesday, March 04, 2014-5:10 PM

नेपीडा: भारत-बांग्लादेश के बीच सदियों से चले आ रहे जल बंटवारे के विवाद विशेषकर तीस्ता नदी विवाद के बावजूद ढाका को उम्मीद है कि इस बार समझौता दोनों पक्षों के लिए संतोषप्रद होगा।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने म्यांमार की राजधानी में बिम्सटेक सम्मेलन में कहा, ‘‘जल स्रोतों के बंटवारे के लिए सही तरीका खोजे जाने की जरूरत है, विशेषकर उन नदियों के लिए जो दोनों देश सांझा करते हैं। उदाहरण के लिए, भारत और बांग्लादेश 30 साल पुरानी ‘गंगा वाटर शेयरिंग ट्रीटी’ का पालन करते हैं।’’ सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

भारत और बांग्लादेख लगभग 54 नदियों का जल आपस में सांझा करते हैं और 1972 के ज्वाइंट रिवर कमिशन के गठन के बावजूद दोनों पक्षों में जल के बंटवारे को लेकर तनाव होता रहता है। बांग्लादेश के साथ जल के बंटवारे का ताजा विवाद तीस्ता नदी को लेकर है, जो भारत के सिक्किम से निकलती है। तीस्ता नदी जल बंटवारे को लेकर बांग्लादेश के साथ भारत का करार ऐन वक्त पर टाल दिया गया, क्योंकि पश्चिमबंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंटवारे की शर्त पर सहमत नहीं हैं।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि बिम्सटेक क्षेत्र में संभावित ऊर्जा उत्पादन विशेषकर जल विद्युत परियोजनाओं के लिए द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय सहयोग परियोजनाएं लागू करने की जरूरत है। भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के अलावे बिम्सटेक समूह में नेपाल, भूटान, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।

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