... और इसलिए सांपों को उतारा जाता है मौत के घाट

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Saturday, March 08, 2014-1:13 PM

जकार्ता: जहां हमारे देश में सांपों की पूजा की जाती है, वहीं कई देशों में सांपों को बड़ी संख्या में मारा जाता है। इनकी चमड़ी से डिजाइनर हैंडबैग्स, जैकेट और जूते बनाए जाते हैं।

जी हां, आपको बता दे कि ऐसा इंडोनेशिया का सिरेबॉन गांव में किया जाता है। जहां पर चमकीले, रंग-बिरंगे धब्बेदार हर किस्म के सांपों को महिलाओं की सुंदरता बढ़ाने वाले समान बनाने के लिए मौत के घाट उतार दिया जाता है। इससे बनने वाले डिजाइनर सामानों की कीमत 4000 डॉलर तक होती है।
 
सबसे पहले सांप के सिर पर जोरदार चोट की जाती है, उसके बाद सांप के शरीर में पानी भरा जाता हैं। ऐसा तब तक किया जाता हैं जब तक वह गुब्बारे की तरह फूल न जाए। चमड़े की रस्सी की मदद से सांप का मुंह बांध दिया जाता है, जिससे पानी बाहर नहीं निकलता। इस प्रक्रिया के होते-होते सांप बेहाल हो जाता है और चमड़ी छोडऩे लगता है। सांप मारने में एक्पर्ट लोग सांप की खाल को उतारते हैं। इसके बाद सांप की खाल को सुखाने का काम किया जाता है, जिसके बाद इसका उपयोग पर्स, जूते व अन्य सामान बनाने में किया जाता है।
 
सांपों की खाल से सामान बनाने के साथ-साथ सांप को खाने के लिए ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। ऐसा कहा जाता हैं कि सांप का मांस खाने से  अस्थमा और भी बहुत सारी बीमारियों का इलाज हो जाता है।
 


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