तिब्बती विद्रोह दिवस से पूर्व नेपाल में सुरक्षा चुस्त

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Sunday, March 09, 2014-8:40 PM

काठमांडू: तिब्बती विद्रोह दिवस की बरसी से पूर्व नेपाल में सुरक्षा चुस्त कर दी गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी। तिब्बती विद्रोह की 55वीं बरसी सोमवार को है। पुलिस ने कहा है कि काठमांडू के बौधा, स्वयंभूनाथ और जावलाखेल इलाकों में सैकड़ों की संख्या में वर्दीधारी और सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इन इलाकों में तिब्बती अपने निर्वासन के समय से ही शिविरों में रह रहे हैं।

चीनी दूतावास और चीनी वाणिज्यदूतावास के चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा राजधानी के बाहर पोखरा शहर में भी सुरक्षा चुस्त कर दी गई है, जहां शरणार्थियों का एक छोटा-सा शिविर स्थित है। पुलिस के प्रवक्ता गणेश के.सी. ने कहा कि किसी पड़ोसी देश के खिलाफ नेपाल की धरती का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘शरणार्थियों के नाम पर हम अपने मित्र देशों के खिलाफ किसी गतिविधि की अनुमति नहीं देंगे।’’

दलाई लामा के 1959 में भाग कर भारत में शरण लेने के बाद से ही नेपाल में 20,000 से अधिक तिब्बती शरणार्थी शरण लिए हुए हैं। इसके पहले पांच मार्च को सरकार ने काठमांडू में तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि आत्मबलिदान की धमकियों के बीच प्रशासन ने एक शरणार्थी शिविर पर शनिवार को छापा मारा। पिछले वर्ष एक तिब्बती नागरिक ने काठमांडू में आत्मबलिदान कर लिया था और सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।


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