हत्यारन मां: बच्चों को उतारा बेरहमी से मौत के घाट

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Tuesday, March 11, 2014-3:34 PM

एडिनबरा: मामला एडिनबरा का है, जहां एक महिला ने अगस्त 2010 अपने तीन बच्चों की बेरहमी से हत्या की थी। बच्चों को मौत के घाट उतारने वाली इस महिला की मौत हो गई है।

49 वर्षीय थेरेसा ‌रिग्‍गी ने अपने तीनों बच्चों के पेट में 13 बार चाकू मारकर उनकी हत्या की थी। तीनों बच्चों को मारने के लिए उसने अलग-अलग चाकू का इस्तेमाल किया था।

 2011 में इसके लिए कोर्ट ने थेरेसा को 16 साल जेल की सजा सुनाई थी। जेल में हुई मौत के बाद पुलिस को शुरूआती जांच में यह मामला आत्महत्या का लगता है। थेरेसा का अपने पति के साथ तलाक को लेकर झगड़ा चल रहा था। इस लिए वह काफी परेशान रहती थी। एक दिन वह आपा खो बैठी।

थेरेसा ने अपने बेटे ऑस्टिन और गियानलुका के पेट में आठ बार और तीसरे बेटे सेसेला को पांच बार चाकू मारा था। इतना ही नहीं, अपने अपराध को छिपाने के लिए उसने गैस के सिलेंडर में आग लगा दी थी ताकि पुलिस को लगे कि बच्चों की मौत जलने से हुई है।  और खुद भी 40 फीट ऊंची बालकनी से कूद गई थी। काफी देर तक अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ही उसके इस डिस्‍ऑर्डर का पता चला था। पहले उसे कार्टन वेल जेल में रखा गया था, लेकिन बाद में उसकी बीमारी का पता चलने पर स्पेशल सेल में रखा गया था। 

डॉक्टरों ने बताया था कि थेरेसा को नैरसि‌‌‌‌स्टिक, पैरानॉयड और हिस्ट्रीयॉनिक डिस्‍ऑर्डर है। नैरसि‌‌‌‌स्टिक एक ग्रीक टर्म है। यह एक तरह का पर्सनैलिटी डिस्‍ऑर्डर है। इसके तहत इंसान को सिर्फ खुद से ही प्यार होता है। वह एक तरह से इगो नेचर हो जाता है। पैरानॉयड एक तरह का मेंटल डिस्‍ऑर्डर ‌है। इस बीमारी में व्यक्ति किसी दूसरे पर बिलकुल भी भरोसा नहीं करता और हिस्ट्रीयॉनिक डिस्‍ऑर्डर से पीड़ित इंसान बात-बात पर भावुक हो जाता है।

अमेरिकन साइकैट्रिस्ट एसो‌सिएशन के अनुसार, अमेरिका में अधिकतर महिलाएं इस बीमारी का शिकार है। थेरेसा के पति पैसक्वेल रिग्‍गी ने कहा, मुझे जिंदगी भर इस बात का अफसोस रहेगा कि मैं अपने बच्चों को नहीं बचा सका।

 


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