युद्ध का ऐसा सदमा, जिसकी चपेट में 55 लाख सीरियाई बच्चे

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Wednesday, March 12, 2014-3:16 PM

बेरूत: सीरिया में गृह युद्ध के कारण प्रभावित बच्चों की संख्या पिछले वर्ष दोगुनी होकर कम से कम 55 लाख हो गई है। यूनीसेफ ने कल अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि पिछले तीन वर्ष से चले आ रहे संघर्ष ने सीरियाई समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया है, लेकिन बच्चों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है। कुपोषित एवं रोगी बच्चों की संख्या बढ़ गई है, पढ़ाई के अवसरों की कमी के कारण उनकी शिक्षा पटरी से उतर गई है, युद्ध के सदमे के कारण उन पर गहरा मनोवैज्ञानिक असर पड़ा है।

एजेंसी ने कहा कि तीन वर्ष के संघर्ष और कष्टों के कारण सीरिया बच्चों के लिए इस धरती पर सबसे खतरनाक जगहों में शामिल हो गया है। बच्चों ने अपनी कक्षाओं, अध्यापकों, भाइयों एवं बहनों, मित्रों, घर और स्थिरता को खो दिया है। यूनीसेफ ने कहा कि हिंसा में 10,000 से अधिक बच्चे मारे गए हैं। जो बच्चे जीवित बचे हैं, उनमें से भी हजारों घायल हुए हैं, उनके घर एवं स्कूल नष्ट हो गए हैं या उनके परिजन और मित्र मारे गए हैं। इस संघर्ष के कारण करीब 20 लाख बच्चों को मनोवैज्ञानिक समर्थन या उपचार की आवश्यकता है।

 


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