इंटरनेट को अमेरिकी सरकार से खतरा: जुकरबर्ग

  • इंटरनेट को अमेरिकी सरकार से खतरा: जुकरबर्ग
You Are HereInternational
Saturday, March 15, 2014-11:22 AM

वॉशिंगटन: गुरुवार को फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने राष्ट्रपति बराक ओबामा से फोन पर बातचीत कर इस बात की नाराजगी जाहिर की है कि अमेरिकी खुफिया जासूसी के कारण लोगों का इंटरनेट से भरोसा उठ रहा है।

जुकरबर्ग ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, 'अमेरिकी सरकार हमारे भविष्य को जिस तरीके से नुकसान पहुंचा रही है, उस पर अपनी हताशा जाहिर करने के लिए मैंने राष्ट्रपति ओबामा को फोन किया था। दुर्भाग्य से वास्तविक सुधार होने में अभी लंबा समय लगेगा।'

जुकरबर्ग ने कहा, 'अमेरिकी सरकार को इंटरनेट अधिकारों का समर्थक बनना चाहिए, न कि उनके लिए खतरा। अपने काम में उन्हें और अधिक पारदर्शी होने की जरूरत है, नहीं तो लोग बुराई में विश्वास करने लगेंगे।'

उनकी यह प्रतिक्रिया गार्जियन अखबार की उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने मालवेयर विकसित कर लिया है, जिससे दुनियाभर के लाखों कंप्यूटरों से डाटा को संग्रहित किया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खुफिया एजेंसी ने अपनी खुफिया निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए फेसबुक के एक सर्वर की नकल की थी ताकि कंप्यूटरों में मालवेयर को डाला जा सके। हालांकि अमेरिकी एजेंसी एनएसए ने रिपोर्ट को गलत बताया है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही के महीनों में एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों में भी कहा गया था कि एनएसए ने माइक्रोसॉफ्ट, याहू, गूगल, फेसबुक, पालटॉक, एओएल, यूट्यूब, स्काइप और एपल जैसी नौ बड़ी तकनीकी कंपनियों के सर्वरों तक पहुंच बनाई थी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You