सऊदी अरब में महिलाओं पर इन पांच चीजों की पाबंदी

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Saturday, March 22, 2014-5:07 PM

रियाद: हर इंसान को बहुत से अधिकार दिए जाते हैं, लेकिन दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां इंसानों द्वारा बनाए गए नियम उसके मूल अधिकारों को भी उससे छीन लेते हैं। सऊदी अरब उन्हीं में से एक ऐसा देश है जहां लोगों की उन रोजमर्रा की चीजों पर भी पाबंदी है, जिसकी कोई उम्मीद भी नहीं कर सकता। सऊदी अरब में महिलाओं को अपनी मर्जी से जीवन व्यतीत करने की आजादी नहीं दी गई है।

सऊदी अरब में इन पाबंदियों के चलते महिलाओं की स्थिति तो सबसे ज्यादा खराब है। महिलाओं के गाड़ी चलाने तथा धार्मिक आजादी पर रोक लगाई गई है। इस्लाम में जिन चीजें को हराम माना गया है, उस पर सऊदी अरब में पाबंदी है। महिलाएं अकेली सफर नहीं कर सकती तथा अकेले महिला-पुरुष के साथ वक्त नहीं बिता सकते है। पब्लिक स्कूलों में संगीत शिक्षा पर भी पाबंदी लगाई गई है।
 
सऊदी अरब में अब राम के नाम पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोई भी इंसान अपने बच्‍चे का नाम 'राम' नहीं रख पाएगा। राम के साथ-साथ माया और मल्लिका जैसे अन्‍य कई नामों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है जो भारत में काफी पॉपुलर हैं। इसके साथ ही सऊदी सरकार ने कई और नामों को भी बैन किया है जिसमें ज्‍यादातर पश्चिमी देशों में बच्‍चों के लिए इस्‍तेमाल किए जाते हैं।
 
शरिया परंपरागत तौर पर सामान्य नियमों और दिशा निर्देशों की व्याख्या करता है, जिससे लोग इस्लाम के एक बेहतर अनुयायी की तरह अपनी जिंदगी बिताएं। रोजाना की जिंदगी से जुड़ी ऐसी तमाम चीजें हैं कि जिन पर देश में रोक है, लेकिन उनके लिखित कानून नहीं हैं। यहां कानून का मतलब शरिया से है।


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