एक परिवार, एक रिश्ता ऐसा भी...

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Wednesday, March 26, 2014-5:53 PM

वॉशिंगटनः कहते हैं कि जिंदगी में जीवनसाथी होना बहुत जरूरी है कोई भी व्यक्ति अकेले में अपनी जिंदगी नहीं गुजार सकता। अमेरिका की कलाकार सुज़ैन हीन्ज को भी एक जीवनसाथी न होने के लिए बहुत कुछ सुनना पड़ता था। सभी उससे कहते, "तुम कितनी प्यारी लड़की हो। तुम्हारी अब तक शादी क्यों नहीं हुई?" इस बात से अपना छुटकारा करवाने के लिए उन्होंने दो पुतलों के साथ अपना परिवार बसा लिया, जिनमें एक उनकी प्यारी बेटी है तो दूसरे उनके पति हैं।

हीन्ज़ का कहना है कि मां से बात करते-करते उन्हें इस फोटोग्राफी प्रोजेक्ट का ख्याल आया। वह कह रही थीं, "सूज़ी कोई भी संपूर्ण नहीं होता। अगर तुम परिवार बसाना चाहती हो तो बस किसी को चुन लो।" इस पर सुज़ैन ने कहा, "मां, मैं बाज़ार में जाकर परिवार खरीद नहीं सकती। यह संभव नहीं है। " तभी उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि एक तरीक़ा है। बुतों का एक परिवार खरीदा जा सकता है।

यह फोटोग्राफी प्रोजेक्ट, "लाइफ वन्स रिमूव्ड" प्लास्टिक के परिवार के साथ ख़ुशी भरे पलों को दिखाता है और साथ ही समाज की अपेक्षाओं पर सवाल उठाता है। पहले-पहल उन्होंने घर पर ही फोटो लेना शुरू किया, लेकिन बाद में वह कहीं भी जाती, पति और बेटी को साथ में ले जाती और उनकी फोटो खींचतीं।
 
वह कहती हैं कि छुट्टियों की तस्वीरें उन पारंपरिक पारिवारिक तस्वीरों पर व्यंग्य है, जिन्हें अमरीका में हर साल लोग एक दूसरे को भेजते हैं। जब वह अपने इस 'परिवार' के साथ सड़क पर निकलीं, तो लोग उन्हें देखकर दंग रह गए, "जैसे ही लोगों को पता चला कि मैं इन बुतों के साथ क्या कर रही हूं तो वह झटके से हंसे और समझ गए और मेरा संदेश सीधे उनके दिमाग़ में घुस गया।"

हीन्ज़ ने बताया, "इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि पारंपरिक जीवन शैली के प्रति जिद्द छोड़ें। यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट का नाम 'लाइफ वन्स रिमूव्ड' रखा गया। एक पीढ़ी के बाद पारिवारिक संबंध भुला दिए जाते हैं। इसलिए हमारा संबंध हमारे जीवन जीने के तरीक़े से है। लोग मौजूदा कामयाबी आंकने के लिए पुरानी परंपराओं से क्यों जुड़े रहते हैं। यह किसी भी उस शख़्स के बारे में है, जिसकी ज़िंदगी वैसी नहीं है, जैसी यह होनी चाहिए।"

हीन्ज़ के अनुसार, "यह सीधे-सीधे पुराने विचारों से लटके रहने की आदत छुड़ाने हुए लोगों के दिमाग़ को खोलने की कोशिश है, मैं चाहती हूं कि लोग एक-दूसरे से उत्साहित होकर मिलें और जैसे भी ज़िंदगी वे बिता रहे हैं उसके लिए उनकी तारीफ करें। इसके लिए नाम के आगे श्रीमती, पीएचडी जैसी चीज़ें लगाने की ज़रूरत न रहे।" वह बताती हैं कि टेलीविज़न के लिए निर्देशन के अनुभव से उनकी फ़ोटोग्राफ़ी और वीडियो बनाने की क्षमताओं को प्रभावित किया है। हीन्ज़ मानती हैं कि हास्य का सहारा लेना ज़रूरी है क्योंकि इससे कला दुनियाभर में पहुंचती है और असर छोड़ती है।

साथ ही वह कहती हैं कि दुनिया के कई हिस्सों में अब महिलाओं के पास जितनी आज़ादी है, उतनी पहले कभी नहीं थी, फिर भी वह वर्तमान और पुरानी परंपराओं के बीच जीवन बिता रही हैं। माना जाता है कि परिवार, शिक्षा, भावनाओँ और रोज़गार से जुड़े कुछ दायित्व निभाने के बाद ही महिलाओं का जीवन पूर्ण होता है, लेकिन वह चाहती हैं कि सफल जीवन की अवधारणा के लिए पुराने विचारों पर निर्भरता कम करें और इसे खुले दिमाग़ से देखें।

उन्हें यकीन है कि "व्यंग्य एक कलाकृति को स्वीकार्य बनाने में मदद करता है और इसे महज़ सामाजिक आलोचना नहीं रहने देता।" हीन्ज़ कहती हैं कि मॉरमॉन (एक धार्मिक समूह) परिवार में पालन-पोषण के चलते वह परिवार, महिला की मां या पत्नी की भूमिका को बेहतर समझ पाई हैं। 

 


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