ये कैसा न्याय, 47 साल बाद कहा बेगुनाह हो तुम!

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Friday, March 28, 2014-7:41 PM

टोक्योः जापान के इवाओ हाकामादा नाम के शख्स को 1968 में मौत की सजा दी गई थी। इस मामले के बारे में दुनियाभर में सजा के खिलाफ मुहिम को चलाया गया। मुहिम के बाद अब कोर्ट ने उन्हें निर्दोष करार देकर तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं।

एम्‍नेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, हाकामादा शायद दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो सबसे ज्यादा समय तक कालकोठरी में फांसी का इंतजार करने वाले कैदी है। इस समय इवाओ हाकामादा की उम्र अब 78 साल है। वह 1968 से काल-कोठरी में है। वह किसी जमाने में पेशेवर बॉक्सर हुआ करते थे।

वह शिजुओका में सोयाबीन प्रोसेसिंग फैक्ट्री में काम करता था। 1966 में उन पर अपने ही बॉस, उसकी पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने का आरोप था। सभी की हत्या चाकू से घोंप कर की गई थी। हाकामादा ने केवल 20 दिनों के अंदर अपना गुनाह स्वीकार कर लिया था, जिसके आधार पर अदालत ने उसे सजा सुनाई थी। 
 
हाकामादा की 81 वर्षीय बहन हिदेको का शुरू से ही यह कहना था कि उनका भाई निर्दोष है। वह शुरू से भाई को निर्दोष बताते हुए इसके लिए संघर्ष कर रही है। हिदेको ने पत्रकारों को बताया, ‘आप सबको धन्यवाद, आपकी कड़ी मेहनत के बाद मेरा भाई जेल से बाहर आ सकेगा।'

 


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