इन्हें रहता है मोटापे का ज्यादा खतरा

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Monday, March 31, 2014-8:18 PM

लंदन: अब मोटापे के लिए अपनी भूख और खाने की आदत को कोसने की जरूरत नहीं। वैज्ञानिकों का कहना है कि वजन बढऩे का संबंध भूख से नहीं बल्कि पाचन तंत्र से जुड़े जीन से होता है। अध्ययन के मुताबिक, जिन व्यक्तियों में कार्बोहाइड्रेट-पाचन एंजाइम बहुत कम मात्रा में होता है, उन्हें मोटापे का खतरा ज्यादा रहता है। लंदन के किंग्स कॉलेज के प्रोफेसर टिम स्पेक्टर ने कहा, ‘‘हमने पता लगाया है कि अलग-अलग लोगों के मेटाबॉलिज्म में पाचन संबंधी तंत्र-तंत्रिकाएं और जीन कोडिंग अलग-अलग होता है, जो इंसान के वजन को खासा प्रभावित करता है।’’

अध्ययन के मुताबिक, अलग-अलग लोगों के शरीर एक ही व्यंजन और उसकी मात्रा के लिए अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया देते हैं। यही कारण है कि कुछ लोगों के साथ वजन बढऩे की समस्या अधिक होती है, जबकि कुछ के साथ कम। अध्ययन के लिए शोधकर्त्ताओं ने कई परिवारों के जीन एक्प्रेशन पैटर्न का मोटापे के अलग-अलग स्तर पर अध्ययन किया और पाया कि दो प्रमुख जीन एएमवाई1 और एएमवाई2 के पैटर्न में असमानता है। ये जीन लार और अग्राशय एमिलेज के कारक कोड हैं। यह अध्ययन पत्रिका नेचर जेनेटिक्स में प्रकाशित हुई है।


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