मूर्ख दिवस-1 अप्रैल पर विशेषः भुली बिसरी यादें

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Tuesday, April 01, 2014-7:04 AM

विश्व भर में लोगों में एक अप्रैल को एक-दूसरे को मूर्ख बनाने की होड़-सी लगी रहती है लेकिन बड़े पैमाने पर लोगों को एक साथ मूर्ख बनाने के लिए कभी-कभार कैसे-कैसे अनोखे तरीके अपनाए जाते हैं, आप कल्पना भी नहीं कर सकते। मूर्ख दिवस के संबंध में भारत सहित विभिन्न देशों के कई ऐसे रोचक किस्से प्रचलित हैं, जब सामूहिक रूप से लोगों को मूर्ख बनाने का प्रयास किया गया और लोग बड़ी आसानी से ‘मूर्ख’ बन भी गए। ऐसे ही कुछ रोचक किस्से यहां प्रस्तुत किए जा रहे हैं :-

लोग हवा में उछलेंगे
कई वर्ष पुरानी बात है। बी.बी.सी. ने अपने एक नियमित कार्यक्रम के दौरान ब्रिटेन के लोगों को एक विशेष सूचना दी कि अमुक तारीख को प्लूटो ग्रह बृहस्पति ग्रह के ठीक पीछे से गुजरते हुए ऐसा गुरुत्वाकर्षण पैदा करेगा कि लोग हवा में उछलने लगेंगे। यह बी.बी.सी. की एक्सक्लूसिव खबर थी इसलिए लोग उसे कोरी अफवाह भी नहीं मान सकते थे, अत: इस घटना के लिए बी.बी.सी. द्वारा जो दिन बताया गया था लोगों ने उस दिन उसी निश्चित समय पर स्वयं ही उछलना शुरू कर दिया। इस दौरान किसी-किसी को तो वास्तव में ऐसा महसूस हुआ कि जैसे सचमुच वह उछल रहा है लेकिन किसी को लगा कि वह तो खुद ही जबरदस्ती उछल रहा है। तभी अचानक कुछ लोगों को ध्यान आया कि आज तो 1 अप्रैल का दिन है और बी.बी.सी. द्वारा उन्हें ‘अप्रैल फूल’ बना दिया गया है।

गधे को स्नान

लंदन में कुछ वर्ष पूर्व हजारों लोगों को एक साथ ‘अप्रैल फूल’ बनाने की एक दिलचस्प घटना हुई थी। हुआ यूं था कि लंदन में हजारों लोगों के पास एक ही दिन एक निमंत्रण पत्र पहुंचा जिसमें लिखा था, ‘‘एक अप्रैल की शाम को आप ‘टावर ऑफ लंदन’  पहुंचें, जहां सफेद रंग के एक गधे को सार्वजनिक स्नान कराया जाएगा लेकिन यहां आते समय अपने साथ  यह निमंत्रण पत्र लाना न भूलें।’’

बस फिर क्या था देखते ही देखते एक अप्रैल की शाम को टावर ऑफ लंदन में हजारों लोगों की भारी-भरकम भीड़ जमा हो गई लेकिन जब उन्हें इंतजार करते-करते काफी समय बीत गया और वहां न कोई गधा नजर आया और न ही किसी तरह का कोई आयोजन, तो लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा लेकिन कुछ समय बाद जब उन्हें पता चला कि उन्हें ‘अप्रैल फूल’ बनाया गया है तो वहां बड़ा हास्यास्पद माहौल बन गया और लोग हंसते-हंसते अपने-अपने घर लौट गए।

पत्र लिखने वाले का नाम

अप्रैल फूल बनाने की एक रोचक घटना अमेरिका के एक महान प्रचारक हैनरी वार्ड बीचर से भी जुड़ी है। एक बार पहली अप्रैल के दिन हैनरी वार्ड बीचर एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उसी समय उन्हें एक लिफाफा प्राप्त हुआ। हैनरी ने मंच पर ही लिफाफा खोला। लिफाफे के अंदर एक खाली कागज रखा था जिस पर बीचों-बीच सिर्फ एक ही शब्द लिखा था, ‘फूल’ अर्थात मूर्ख। हैनरी तुरन्त समझ गए कि किसी ने उन्हें अप्रैल फूल बनाने की कोशिश की है।

समारोह में उपस्थित लोगों में जब इस लिफाफे के बारे में जानने की उत्सुकता हुई तो हैनरी ने चतुराई दिखाते हुए झट से पासा पलटा और उनका अप्रैल फूल बनाने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को ही ‘फूल’ बना डाला। दरअसल हैनरी ने उसी समय मंच से  पत्र के बारे में खुलासा करते हुए बताया, ‘‘मुझे प्रतिदिन ढेर सारे पत्र प्राप्त होते हैं, जिनमें से कुछ लोग अपने पत्रों पर अपना नाम या पता लिखना ही भूल जाते हैं लेकिन अभी-अभी मुझे एक ऐसा पत्र मिला है, जिस पर पत्र लिखने वाले ने अपना नाम तो लिखा है लेकिन पत्र लिखना वह भूल गया है।’’

विदेशी अभिनेत्री

ऐसी ही एक घटना सन् 1973 की है। 1 अप्रैल 1973 को मुम्बई में सुबह-सुबह यह खबर फैल गई कि प्रात: 10 बजे की फ्लाइट से सांताक्रूज हवाई अड्डे पर एक विश्वविख्यात विदेशी फिल्म अभिनेत्री पहुंचने वाली है। यह खबर सुनते ही हजारों की संख्या में लोग उस अपूर्व विदेशी सुंदरी के दर्शन करने और उसके स्वागत के लिए निर्धारित समय से काफी पहले ही सांताक्रूज हवाई अड्डे पर एकत्रित हो गए। निर्धारित समय पर फ्लाइट आई और हवाई जहाज से एक बहुत फैशनेबल-सी खूबसूरत विदेशी युवती निकली। जैसे ही लोगों की नजर उस सुंदरी पर पड़ी, सभी उसकी ओर दौड़ पड़े।

दरअसल लोगों ने समझा कि यह वही विदेशी अभिनेत्री है, जिसके स्वागत और दर्शन करने के लिए वे यहां आए हैं लेकिन वह युवती कोई अभिनेत्री नहीं थी बल्कि मुम्बई में अपने एक रिश्तेदार से मिलने आई थी। अपना यह अभूतपूर्व स्वागत देख कर वह स्वयं बड़ी हतप्रभ थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसके साथ यह सब क्या हो रहा है, हजारों लोग इस तरह उसके स्वागत के लिए क्यों दौड़ रहे हैं? कुछ समय बाद जब लोगों को असलियत मालूम पड़ी तो वे बहुत खिसियाने से हो गए। जब उन्हें पता चला कि आज यहां कोई विदेशी सुंदरी आनी ही नहीं है तथा उन्हें ‘अप्रैल फूल’ बनाया गया है तो वे चुपचाप अपने-अपने घरों की ओर खिसक लिए।

सोने की खान
1 अप्रैल 1967 को एक समाचार पत्र ने समाचार प्रकाशित किया कि कालीकट में एक किसान को कुएं की खुदाई करते समय सोने जैसी चमकती हुई धातु की एक खान मिली है और विशेषज्ञों की खोजबीन से यह प्रमाणित हुआ है कि यह खान कोलार की सोने की खान से भी 10 गुना बड़ी है। यह समाचार पढ़ते ही सोने की इस खान को देखने के लिए वहां लोगों का तांता लग गया लेकिन उस स्थान पर न तो कोई खान थी न कोई कुआं, न ही इस तरह का कोई अन्य सबूत।


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