न हाथ, न पैर फिर भी हौंसला लाजवाब

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Sunday, April 06, 2014-8:17 PM

बॅलग्रेड:  कहते हैं कि हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती और बुलंद हौंसले रखने वाले अपनी मंजिल पर पहुंच ही जाते हैं, फिर चाहे मुश्किलें उनका रास्ता रोके क्यों न खड़ी हो।

इस बात को सच कर दिखाया सर्बिया के जोर्ग डायकसन ने, जिसके न तो हाथ हैं और न ही पैर। लेकिन आज वह अपने बुलंद हौसले की वजह से मीडिया की सुर्खियों में छाए हुए हैं। 16 साल के जोर्ग अपने स्कूल में फुटबॉल के स्टार खिलाड़ी हैं। उनके बुलंद हौसले ने उन्हें एक स्टार प्लेयर बना दिया है।

बचपन में संक्रमण होने की वजह से उनके दोनों हाथ और पैर काटने पड़े थे। लेकिन उन्होंने कभी इस बात को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वह बचपन से ही फुटबॉल के शौंकीन थे और अब प्रोस्थेटिक पैरों की मदद से वे ऐसा कर पा रहे हैं।
 
जोर्ग के हाईस्कूल फुटबॉल टीम में सिलेक्ट होने से केवल वह नहीं बल्कि उनके माता-पिता और कोच भी काफी खुश हैं। कोच का कहना है कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वे जोर्ग को सिखा रहे हैं, क्योंकि उसमें सीखने की इच्छाशक्ति है। जोर्ग का कहना है कि उन्होंने कभी हार माननी नहीं सीखी, चाहे परीक्षा कितनी भी कठिन क्यों न हो।


 


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