जज्बे को सलाम: हाथ-पैर भी नहीं, फिर भी ऊंची चोटी चढ़ा

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Monday, April 07, 2014-1:38 PM

नई दिल्ली: कहते हैं हौसले मजबूत हों तो बड़े-बड़े पहाड़ भी छोटे लगते हैं और आसमान भी करीब लगता है। एक ऐसा ही शख्स है जिसकी रियल स्टोरी के बारे सुन आप हैरान रह जाएंगे। 44 वर्षीय जेमी एंड्रयू को अपने एक शौक के चलते 15 साल पहले अपने हाथ-पैर गंवाने पड़े थे। लेकिन अब उसी शौक को पूरा करने के लिए 14,691.6 फीट (4,478 मीटर) ऊंची मैटरहॉर्न माउंटेन (माउंट सेरविने) को फतह किया है। खास बात है कि एंड्रयू जब पहले हाथ-पैर रहते हुए पर्वतारोहरण करते थे तब भी उन्होंने इतनी ऊंचाई कभी नहीं चढ़ी थी वो उन्होंने बिना हाथ और पैरों के स्विटजरलैंड के जेरमैट कस्बे के पास मैटरहॉर्न माउंटेन की चढ़ाई पूरी की है।

 

एंड्रयू  को उम्मीद है कि उनके इस साहसिक कारनामें से दूसरों को प्रेरणा मिलेगी खासकर उन लोगों को जो शारीरिक रूप से विकलांग हैं। गौरतलब है कि अल्प्स पर्वत और यूरोप की सबसे ऊंची चोटी है। इस चोटी पर 1865 से पर्वतारोहरण की शुरुआत होने के बाद से अब तक करीब 500 से अधिक पर्वतारोहियों की मौत हो चुकी है। वहीं एंड्रयू  के एस जज्बे को सही मायने में सलाम है जो सच में सभी के लिए प्रेरणा हैं। वहीं एंड्रयू पर आधारित स्टोरी चैनल-5 अगले माह से प्रसारित करेगा।


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