"यूरोपीय संघ से अलग होकर ब्रिटेन को होगा नुकसान'

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Thursday, April 20, 2017-4:37 PM

बीजिंग/लंदन: यूरोपीय संघ (ईयू) की एक शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि ईयू से बाहर होने के फैसले से इस संघ से ज्यादा ब्रिटेन को नुकसान होगा और इससे बाहर जाने (ब्रेक्सिट)की प्रक्रिया भी बेहद जटिल है। ईयू की विदेश नीति प्रमुख फेडेरिका मोघेरिनी ने यहां शिंघुआ विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए आज यह बात कही। सुश्री मोघेरिनी ने कहा “इसमें कोई शक नहीं है कि ब्रिटेन को ईयू से अलग होने से हम एक अच्छा साथी खो देगें लेकिन यह भी सच है कि हमसे कहीं अधिक नुकसान ब्रिटेन को होगा।

उसे ईयू से अलग होने के लिए काफी मशक्क्त करनी पड़ेगी और यह प्रक्रिया आसान नहीं है।” उन्होंने कहा “मेरे लिए इस संघ के सभी देशों का महत्व बराबर है क्योंकि हम एक दूसरे के पूरक हैं। एक देश किसी क्षेत्र में माहिर है तो दूसरा किसी और में। लेकिन मुझे लगता है कि हमसे कहीं अधिक ब्रिटेन को नुकसान होगा।” सुश्री मोघेरिनी ने कहा कि ब्रिटेन के अलग होने के बाद भी ईयू बना रहेगा और यह विश्व का पहला बाजार तथा विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने पिछले माह ब्रेक्सिट की घोषणा करके इसकी औपचारिक शुरूआत कर दी। सुश्री मे ने कहा था कि इस फैसले से पलटा नहीं जा सकता। आम चुनाव के बाद जून से ईयू से अलग होने की प्रक्रिया शुरू होगी जो दो साल के बाद पूरी हो पाएगी। उल्लेखनीय है कि ईयू से ब्रिटेन के अलग होने से चीन को भारी नुकसान होगा क्योंकि वह उसका सबसे बड़ा व्यापरिक सहयोगी है। इसे लेकर चीन में हताशा और चिंता का माहौल है।

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