आत्महत्या के लिए मजबूर करता है ये गाना, सैंकड़ों लोग दे चुके जान ! (pics)

You Are HereInternational News
Wednesday, October 26, 2016-6:29 PM

हंगरी : ऐसा माना जाता है ऐसे गाने दिल को उस वक़्त शांत करने में सहायक होते हैं, जब वह उदास या परेशान होता है। लेकिन क्या आप यह विश्वास कर सकते हैं कि कोई गाना आत्महत्या करने के लिए भी मजबूर कर सकता है?
‘ग्लूमी संडे’ नामक गाने को शायद विश्व के इतिहास में सबसे श्रापित गाना माना जाता है। इस गाने को सुनकर अब तक सौ से भी अधिक लोग ख़ुदकुशी कर चुके हैं।

‘ग्लूमी संडे’ नामक इस गाने को हंगरी के रहने वाले 34 वर्षीय रेज़सो सेरेस ने 1933 में लिखा था। बाद में इसका नाम बदल कर ‘हंगरी सूइसाइड सॉंग’ रख दिया गया। सेरेस हंगरी में जन्मे थे। वह बचपन में बेहद होनहार थे, लेकिन गरीबी की वजह से अधिक आगे नहीं जा पाए। रेजसो सेरेस का बचपन बहुत सख्त दौर से गुजऱा और रेजसो की यह सारी पीड़ा उनके अंदर घर करती गई।

कहते हैं मोहब्बत हर किसी को रास नही आती, कुछ ऐसा ही हुआ सेरेस के साथ। दरअसल, सेरेस एक लड़की से बेहद प्यार करते थे, लेकिन उस लड़की को सेरेस को एक  गीतकार के रूप में देखना पसंद नही था। इस वजह से उनमें काफ़ी विवाद भी होता था और एक दिन वह लड़की सेरेस को छोड़ कर चली गई।  कहा जाता है कि रेजसो सेरेस से बिछडऩे के बाद उनकी प्रेमिका ने आत्महत्या कर ली और उसके के शव के पास एक नोट मिला था, जिस पर 2 ही शब्द लिखे हुए थे "ग्लूमी संडे"। रेजसो सेरेस भी यह दर्द सह नहीं सके और प्रेमिका की जुदाई में उन्होंने यह गाना लिखकर यूं ही अपनी दर्द भरी आवाज में गा दिया। 

इस गाने से जुड़ी कई कहानियाँ हैं। हंगरी में एक लड़की ने गाना सुनते-सुनते छत से कूद के जान दे दी। दूसरे हादसे में एक महिला ने गाना सुनते-सुनते ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। इस गाने से जानें कितने ही आत्महत्या के किस्से जुड़े हुए हैं।ब्रिटेन और हंगरी में इस गाने को सुनकर इतनी आत्महत्या हो रही थी कि सरकार को इसे बैन करना पड़ा। कहा जाता है कि इस गाने को लिखने वाले रेज़सो सेरेस ने खुद भी आत्महत्या ही की थी। वर्ष 1968 में रेज़सो सेरेस ने एक बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।



वीडियो देखने के लिए क्लिक करें

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You