सिंधु समझौते पर पाक ने उठाया एेसा कदम, भारत ने जताया एतराज

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Friday, November 11, 2016-11:38 AM

नई दिल्ली:सिंधु समझौते मामले में पाक की शिकायत पर वर्ल्ड बैंक ने एक कोर्ट बनाई जिसका भारत कड़ा विरोध कर रहा है । दरअसल पाकिस्तान की शिकायत पर गुरुवार देर रात वर्ल्ड बैंक ने मध्यस्थता के लिए कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन(COA) बनाने का फैसला लिया।जम्मू-कश्मीर में भारत द्वारा किशनगंगा और रतले हाइड्रोपावर पर चल रहे प्रोजेक्ट पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताते हुए वर्ल्ड बैंक से शिकायत की थी। 


मंत्रालय ने फैसले पर 'कानूनी तौर पर' जताया एतराज 
किशनगंगा और रतले प्रोजेक्ट पर विश्वबैंक के इस कदम का विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध जताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि हम वर्ल्ड बैंक के फैसले को "कानूनन अस्वीकार' करार देते हैं।उन्होंने कहा कि सिंधु समझौते के तहत एक मतभेद सुलझाने के लिए 2 सिस्टम एक साथ काम नहीं कर सकते।विकास स्वरूप ने कहा कि वर्ल्ड बैंक के फैसले के पक्षों पर विचार-विमर्श किया जाएगा और भविष्य में सही कदम उठाया जाएगा। वर्ल्ड बैंक ने चौंकाते हुए पाक की शिकायत पर COA बनाई और भारत की डिमांड पर न्यूट्रल एक्सपर्ट भी नियुक्त किया। 


बता दें कि सिंधु समझौता में भारत और पाकिस्तान के अलावा वर्ल्ड बैंक भी एक पार्टी है।इस समझौते के तहत पहले टेक्निकल ऑबजेक्शन को लेकर स्थायी आयोग (PIC) गठन करने का रास्ता है।अगर मामला न सुलझे तो COA बनाने की विकल्प होता है। ये भी क्लियर किया गया है कि न्यूट्रल एक्सपर्ट के रहते COA जैसा विकल्प नहीं अपनाया जा सकता।


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