हर साढ़े चार दिन में मरता है एक पत्रकार: यूनेस्को

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Wednesday, November 02, 2016-9:29 PM

पेरिस: यूनेस्को ने आज एक स्तब्ध कर देने वाली रिपोर्ट जारी की है, जिसके मुताबिक हर साढ़े चार दिन में एक पत्रकार मारा जा रहा है। यूनेस्को महानिदेशक की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दशक में काम के दौरान 827 पत्रकार मारे गए।   

‘सेफ्टी ऑफ जनर्लिस्ट एंड द डेंजर ऑफ इंप्युनिटी’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके अरब देश हैं जिनमें सीरिया, इराक, यमन और लीबिया शामिल हैं। इसके बाद लातिन अमेरिका का स्थान है। ज्यादातर मौतें संघर्षरत क्षेत्रों में हुई हैं। साल 2006-2015 रिपोर्ट के आखिरी दो साल में 59 फीसदी से अधिक मौतें हुई हैं। इस अवधि में मारे गए 213 पत्रकारों में 78, 36.5 फीसदी अरब देशों में मारे गए हैं। शायद सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात पश्चिमी यूरोप और उत्तर अमेरिका में पत्रकारों की बढ़ती मौतें हैं। विदेशी पत्रकारों की तुलना में स्थानीय पत्रकार ज्यादा जोखिम में हैं जो मृतकों का 90 फीसदी हिस्सा हैं। इसके अलावा प्रिंट पत्रकारों की तुलना में टीवी पत्रकार ज्यादा निशाना बनाए गए हैं।
 


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