PM बोले, आजादी से अब तक का लूंगा हिसाब; 30 दिसंबर के बाद उठाएंगे और सख्त कदम

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Sunday, November 13, 2016-10:49 AM

कोबे: कोबे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जापानी उद्योगों की वृहद भागीदारी और साझेदारी का आह्वान करते हुए कहा कि इससे जापान और भारत के एमएसएमई क्षेत्र को लाभ पहुंचेगा। एमएसएमई क्षेत्र के लिए यह भागीदारी और साझेदारी ‘‘परिवर्तनकारी’’ सिद्ध हो सकती है। कोबे में कारोबार जगत के नेताओं के साथ आयोजित भोज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने ह्योगो प्रीफेक्चर के साथ अपने ताल्लुकात और 2007 एवं 2012 में जापान के आेसाका बे स्थित शहर कोबे की अपनी यात्रा को याद किया।मोदी ने अपने जापानी समकक्ष शिंजो आबे के साथ कोबे से तोक्यो तक देश की चर्चित हाईस्पीड शिंकनसेन बुलेट ट्रेन में यात्रा की, जिन्होंने ह्योगो प्रांत स्थित अतिथि गृह में उनका स्वागत किया।शिक्षा, कारोबार, संस्कृति, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए गुजरात राज्य और ह्योगो प्रीफेक्चरल सरकार के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुआ है।  

 

जापान में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे हैं पी.एम मोदी
जापान से मोदी ने 'नमस्ते' व 'केम छो' बोलकर भाषण की शुरुआत की।मोदी ने गुजरात में आए भयंकर भूकंप की घड़ी में मदद करने के लिए कोबे का जिक्र किया।मोदी ने अपने भाषण में कही ये बातें:

-पूरा विश्व कह रहा, सबसे तेज गति से जिस देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है, वह भारत है। सबसे ज्यादा एफडीआई भारत को प्राप्त हो रही है।देश आर्थिक विकास पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है।'

-45000 करोड़ रुपए भारत के गरीबों ने जमा किया।यह है गरीबों की अमीरी।

- भारत में नोट बैन करने की बात पर मोदी ने कही ये बात ,नोटबंदी एक बहुत बड़ा स्वच्छता अभियान है,यह किसी को तकलीफ देने के लिए नहीं है।''इसका असर यह हुआ कि बेटों-बहुओं ने मां के नाम से ढाई-ढाई लाख रुपए जमा करवा दिए। अब वो माएं मुझे आशीर्वाद दे रही हैं।' ''पाप करने वाले ज्यादा नहीं, मुसीबत सवा सौ करोड़ को हो रही थी।पहले गंगा में जो चवन्नी डालता था, अब नोट बह रहे हैं।'''बेईमानों को लगने लगा है कि पैसों को बैंक में जाने से अच्छा गंगाजी में जाना है, पैसे मिले ना मिले पुण्य तो मिल जाएगा।'30 दिसंबर तक सारी मुश्किलें हल हो जाएंगी। मैं ऐलान करता हूं कि इसके बाद भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।


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