शी चिनफिंग का पड़ोसियों को बातचीत से मुद्दे सुलझाने का आश्वासन

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Wednesday, October 18, 2017-9:42 PM

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आज आशंकित पड़ोसियों को विवाद बातचीत के जरिए सुलझाने का भरोसा दिया लेकिन देश के सामरिक हितों की कीमत पर नहीं। शी ने यह बात चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत करते हुए कही जिसमें उनके अगले पांच साल के दूसरे कार्यकाल की पुष्टि होनी है।

सीपीसी के महासचिव शी ने पांच वर्ष में एक बार होने वाली कांग्रेस में अपने साढ़े तीन घंटे के संबोधन में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को एक विश्व श्रेणी की सेना बनाने की प्रतिबद्धता जताई। इस बैठक में उनके दूसरे कार्यकाल की पुष्टि के साथ ही उनके साथ काम करने के लिए नए नेताओं का निर्वाचन होना तय है। 64 वर्षीय शी ने कम्युनिस्ट पार्टी आफ चाइना (सीपीसी) के समाजवादी ढांचे को बरकरार रखते हुए उसे मजबूती प्रदान करने पर बल दिया।

बैठक के उद्घाटन सत्र में पूर्व राष्ट्रपतियों जियांग जेमिन, हू जिंताओ के अलावा पूर्व प्रधानमंत्रियों वेन जियाबाओ सहित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अन्य पूर्व नेता शी के साथ मंच पर पहली पंक्ति में बैठे हुए थे। सप्ताह भर चलने वाली बैठक में पार्टी के संविधान का संशोधन भी किया जाएगा। शी ने सेना को मजबूत बनाने, भ्रष्टाचार निरोधक उनका अभियान जारी रहने और समाजवाद का एक नया युग लाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘चीन कभी अन्य के हितों की कीमत पर अपने विकास को आगे नहीं बढ़ाएगा, न ही अपने वैध अधिकार एवं हितों को छोड़ेगा। किसी को भी यह आशंका नहीं होनी चाहिए कि चीन वह सब कुछ निगल लेगा जो उसके हितों को कमजोर करता है।’’ बैठक में करीब 2&00 लोगों ने हिस्सा लिया।

शी ने पड़ोसियों के बारे में कहा कि ‘‘चीन सौहार्द, ईमानदारी, पारस्परिक लाभ और समावेश के सिद्धांत और साझेदारी एवं मित्रता बनाने की नीति पर पड़ोसियों के साथ अपने संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें विवादों को बातचीत एवं चर्चा से सुलझाने की प्रतिबद्धता जतानी चाहिए और पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक खतरों पर अपनी प्रतिक्रिया समन्वित करनी चाहिए तथा आतंकवाद के सभी स्वरूपों का विरोध करना चाहिए।’’

उल्लेखनीय है कि चीन और भारत के बीच हाल में सिक्किम क्षेत्र में गतिरोध उत्पन्न हो गया था। इसके साथ ही चीन का दक्षिण एवं पूर्वी चीन सागरों में पड़ोसियों के साथ समुद्री विवाद है। शी ने इसके साथ ही पीएलए को एक विश्व श्रेणी की सेना बनाने पर जोर दिया।

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