ट्रंप के गले की फांस बनी ये ख्वाहिश

  • ट्रंप के गले की फांस बनी ये ख्वाहिश
You Are HereInternational
Thursday, May 18, 2017-11:22 AM

वाशिंगटनः रूस के साथ करीबी संबंधों की ख्वाहिश अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गले की फांस बनती जा रही है। पता चला है कि ट्रंप ने फरवरी में इस्तीफा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के साथ रूस के संबंधों की जांच बंद करने के लिए एफबीआइ के पूर्व प्रमुख जेम्स कोमी पर दबाव डाला था। न्यूयॉर्क टाइम्स ने मंगलवार को इसका पर्दाफाश किया। ह्वाइट हाउस ने रिपोर्ट का खंडन किया है।

इससे एक दिन पहले वाशिंगटन पोस्ट ने बताया था कि ट्रंप ने आतंकी संगठन आइएस से जुड़ी बेहद गोपनीय जानकारियां रूस के साथ साझा की थी। पता चला है कि ये जानकारियां अमरीका को इजरायल ने दी थी। शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने जानकारी साझा करने से इंकार किया था। बाद में ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि राष्ट्रपति होने के नाते ऐसा करने का उन्हें अधिकार है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट ने राष्ट्रपति की कार्यप्रणाली को फिर से सवालों के घेरे में ला दिया है।

फरवरी में ह्वाइट हाउस में हुई एक बैठक के बाद कोमी ने मेमो में लिखा था, राष्ट्रपति फ्लिन और उनके रूसी संपर्को से जुड़ी जांच बंद करने को कह रहे हैं। मेमो को पढ़ने वाले सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। फ्लिन के इस्तीफे के अगले दिन यह बैठक हुई थी। सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी और विपक्षी डेमोक्रेटिक दल ने मामले की जांच की मांग की है।

प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति के अध्यक्ष जेसन चेफैत्ज ने एफबीआइ से ट्रंप और कोमी के बीच हुए हर संवाद के दस्तावेज मांगे हैं। इसके लिए एफबीआइ को 24 मई तक का समय दिया गया है। प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पॉल रेयान ने चेफैत्ज के रुख का समर्थन किया है। रेयान और चेफैत्ज दोनों रिपब्लिकन पार्टी से हैं। इजरायल ने कहा है कि रूस के साथ गोपनीय सूचनाएं साझा करने के मामले का अनरीका के साथ उसके संबंधों पर कोई असर नहीं होगा। अमरीका में इजरायल के राजदूत रॉन डरमर ने कहा कि उनके देश को ट्रंप प्रशासन पर पूरा भरोसा है।

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You