ट्रम्‍प की जीत से चीन को झटका, मोदी सरकार को होगा बढ़ा फायदा!

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Wednesday, November 09, 2016-6:12 PM

वाशिंगटन: डोनाल्ड ट्रम्‍प  के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय के भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों के सबसे ज्यादा मजबूत होने की संभावना है जिसमें रक्षा संबंधों और आतंकवाद रोधी सहयोग पर विशेष जोर होगा। ट्रम्‍प भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा प्रशंसक होने की बात कह चुके हैं। ट्रंप ने कहा था, ‘‘हम कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को परास्त करेंगे। हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। यह आईएसआईएस की मौजूदगी के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका का स्वाभाविक सहयोगी है।

चीन और पाकिस्तान को लगा बड़ा झटका
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनॉल्ड ट्रम्‍प की जीत से चीन और पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। ट्रम्‍प के आतंक विरोधी अभियान से पाकिस्तान और चीन निराश है। विश्व में बढ़ती आर्थिक शक्तियों के कारण अमेरिकी नागरिक बदलाव के मूड़ में थे। इन शक्तियों में चीन का नाम भी आता है। अब तक के संकेत को देखते हुए लगता है कि ट्रम्‍प जीतने के बाद इन दोनों देशों दी जाने वाली आर्थिक सहायता में कटौती करेंगे। अमेरिका में पिछले 15 सालों के अंदर 50 लाख नौकरियां खत्म हुई हैं जबकि इस अवधि में चीन के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारी ग्रोथ देखी गई है।

ट्रम्‍प अपने चुनावी वादे को पुराने करने के लिए अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग जॉब वापस लाने की कोशिश करेंगे। ऐसा वह तभी कर सकेंगे जब एशिया, खासतौर पर चीन के मैन्युफैक्चरिंग में लेबर कॉस्ट फायदे में टैरिफ और गैर टैरिफ बैरियर्स की मदद से सेंध लगाएं।

पाकिस्तान की आर्थिक सहायता में करेंगे कटौती
पाकिस्तान पर अंकुश लगाने के लिए भारत का साथ जरूरी है। उनका यह बयान भारत-पाकिस्तान संबंध की दिशा में काफी मायने रखता है। ट्रम्‍प पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता में कटौती करके पाकिस्तान के प्रति पॉलिसी को प्रभावित कर सकते हैं।

चीन को होगा भारी आर्थिक नुकसान
ट्रम्‍प भारत का समर्थन करके एशिया में शक्ति के संतुलन को बदल सकते हैं। चीन और पाकिस्तान दशकों से अमेरिका को नकदी देने वाली गाय के तौर पर इस्तेमाल करते रहे हैं। चीन ने ट्रेड सरप्लस की मदद से तो पाकिस्तान डबल गेम खेलकर चरमपंथी इस्लामी ताकतों से लडऩे की आड़ में अमेरिका से आर्थिक मदद लेता रहा है।

अमेरिका में रह रहे भारतीय खुश
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनॉल्ड ट्रम्‍प के जीत से भारतीय मूल के अमेरिकी ज्यादा खुश है। भारतीयों ने वहां राजनीति में ज्यादा दिलचस्पी लिए थे। वे शिक्षा और संपन्नता की दृष्टि से औसत अमेरिकी से बहुत आगे हैं। इनमें से अधिकतर डॉक्टरी, इंजीनियरिंग और वैज्ञानिक शोध जैसे व्यवसाय करते हैं।

हिंदुओं के हैं बड़े समर्थक
उन्होंने हिन्दू रिपब्लिकन कोअलिशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, ‘‘मैं हिन्दुओं और भारत का बड़ा प्रशंसक हूं। यदि मैं राष्ट्रपति चुना जाता हूं तो भारतीय और हिन्दू समुदाय को व्हाइट हाउस में एक सच्चा मित्र मिलेगा।’’ ट्रंप ने कहा था कि वह ‘‘कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में महान मित्र भारत’’ के साथ हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने विगत में ‘‘मुंबई की विभीषिका सहित’’ ‘‘आतंकवाद की बर्बरता’’ को झेला है। उन्होंने 2008 में हुए मुंबई हमले तथा 2001 में भारत की संसद पर हुए हमले को ‘‘अत्यंत घृणित’’ एवं भयावह करार दिया था। 
 


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