प्रियंका चोपड़ा एक ऐसी अभिनेत्री हैं जो अपनी हॉटनैस के माध्यम से ही दर्शकों में लोकप्रिय हैं। ‘अंदाज’ से अपनी शुरूआत करने वाली प्रियंका की ‘सैंसुअलिटी’, ‘तेरी मेरी कहानी’ तक बढ़ी ही है। वैसे हॉटनैस के साथ-साथ उनमें अभिनय प्रतिभा भी है तभी तो वह हर निर्माता-निर्देशक की पहली पसंद हैं। उनकी आने वाली फिल्मों में ‘बर्फी’, ‘कृष-3’ तथा ‘जंजीर’ इत्यादि हैं। पेश हैं उनसे एक बातचीत के अंश :
‘अंदाज’ से लेकर ‘अग्रिपथ’ तक आप में क्या बदलाव आए हैं?
—एक इंसान के तौर पर मुझमें महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। अब मैं ज्यादा परिपक्व हो गई हूं। बड़ी मुसीबतों का सामना करना मैं सीख गई हूं क्योंकि मैं जानती हूं कि यहां सिर्फ मैं और मेरा परिवार है। मुझे अपना और उनका ख्याल खुद ही रखना होगा और अकेले ही इन सबका सामना करना होगा।
बॉक्स आफिस का बैरोमीटर नीचे जाने में कैसा बदलाव आता है?
—इसका नतीजा बहुत बुरा होता है लोग 90 दिन के काम को 2 घंटे में खारिज कर देते हैं। मेरा सबसे बड़ा डर मेरी हार है। मेरा यकीन मानिए अगर मेरी कोई फिल्म बॉक्स आफिस पर नहीं चलती है तो मुझे उस खराब दौर से बाहर आने में हफ्तों लग जाते हैं।
लोग अब आपको नम्बर-1 अभिनेत्री मानने लगे हैं। यह सुनकर सुकून तो मिलता ही होगा?
—मुझे तो यहां का राग समझ में नहीं आता। 2 फिल्में फ्लाप हो जाएं तो टॉप टैन से बाहर, 2 फिल्में हिट हो जाएं तो सीधे नम्बर-1 का ताज पहना दिया जाता है।
आज लड़कियों को जो मौके मिल रहे हैं, उनके बारे में आपका क्या कहना है?
—मेरे ख्याल से आज लड़कियों को पहले से ज्यादा मौके मिल रहे हैं।
कहते हैं काम के जुनून के चलते आप खुद पर ज्यादती करती हैं?
—अभी तो मैं 30 की भी नहीं हुई हूं। यही तो मेरे काम करने की उम्र है। मैं जब भी परिवार वाली और बाल बच्चेदार हो जाऊंगी और 45 की उम्र तक पहुंच जाऊंगी तब आराम करूंगी। लेकिन फिलहाल मेरा पूरा ध्यान अपने काम पर है। मैं समझती हूं कि इस उम्र में सभी को दिल लगाकर सिर्फ काम करना चाहिए। इस साल में अभी तक मैंने एक भी छुट्टी नहीं ली है, लगातार काम कर रही हूं।
प्यार, शादी और जीवन साथी के बारे में आपके क्या विचार हैं?
—बहुत से लोग प्यार को एक इश्यू बना देते हैं पर सच तो यह है कि प्यार एक पंक्ति है जिसे एक पैराग्राफ या एक बुक में भी नहीं लिखा जा सकता। हर इंसान प्यार के बारे में अलग-अलग तरह से सोचता है।