शाहिद कपूर की अब तक की अंतिम हिट फिल्म के तौर पर ‘कमीने’ का नाम लिया जा सकता है, क्योंकि उसके बाद से उन्होंने ‘दिल बोले हडि़प्पा’, ‘चांस पे डांस’, ‘पाठशाला’, ‘बदमाश कंपनी’, ‘मिलेंगे-मिलेंगे’, ‘मौसम’ तथा ‘तेरी-मेरी कहानी’ जैसी केवल फ्लॉप फिल्में ही दी हैं। कहा जाता है कि इन फ्लॉप फिल्मों ने ही शाहिद को बेरोजगार कर रखा है लेकिन वह इस बात से इंकार करते हैं और फिल्मों में होने वाले विलम्ब के लिए खुद को चूजी एवं सैलेक्टिव होना मानते हैं। पेश हैं, शाहिद कपूर से हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
*आजकल इंडस्ट्री में आपकी बेरोजगारी की बहुत चर्चा है?
— लेकिन यह सच नहीं है। दरअसल, मेरे कम काम करने के कारण एसा कहा जा रहा है, लेकिन मैंने खुद ही ‘मौसम’ के बाद साल में केवल तीन फिल्में करने का फैसला किया था। इसे आप दुर्भाग्य कह सकते हैं कि जैसे ही मैंने ‘तेरी मेरी कहानी’ कम्प्लीट की तो पता चला कि मेरी अगली फिल्म के डायरैक्टर मनीष शर्मा घायल हो गए हैं। एसे में वह फिल्म अब अगले माह ही फ्लोर पर जा पाएगी। उस समय मुझे भी लगा था कि मैं बेरोजगार हूं लेकिन अच्छी बात यह है कि इस दौरान मैं तमाम लोगों से मिला और अगले प्रोजैक्ट्स के बारे में लाइन अप किया। वैसे मैं बेरोजगार बिल्कुल नहीं हूं बल्कि मेरे पास फिल्में हैं। एक फिल्म के डायरैक्टर मनीष शर्मा जबकि दूसरी के बिजॉय नांबियार हैं। डायरैक्टर प्रभुदेवा की फिल्म ‘नमक’ भी मेरे पास है। एसे में आप या कोई भी मुझे बेरोजगार कैसे कह सकता है!
*आपने संजय लीला भंसाली की फिल्म भी तो साइन की है?
—हां, संजय जी की इस फिल्म का नाम है ‘फटा पोस्टर निकला हीरो’। इस फिल्म में मां और बेटे की काफी संवेदनशील कहानी है, जिसमें भरपूर कॉमेडी भी है।
*क्या आप मानते हैं कि रणबीर कपूर और इमरान खान से आपका तगड़ा मुकाबला है?
— नहीं, मैं ऐसा कोई कम्पीटीशन फील नहीं कर रहा हूं, बल्कि मैं तो उन दोनों को काफी पसंद करता हूं।
*अपने अब तक के करियर के बारे में क्या कहेंगे?
-बहुत खुश हूं। आज मैं जिस जगह हूं, दस साल पहले वहां पहुंचने के केवल सपने देखा करता था। दरअसल, करियर की शुरूआत में मैं असमंजस में था। मुझे सही-गलत के विषय में बताने वाला कोई नहीं था लेकिन अब जानता हूं कि मुझे क्या करना है।
*लेकिन आपके सिंता तो आपको गाइड कर सकते थे?
—यह सच है कि मेरे सिंता एक्टर-डायरैक्टर हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा मुझसे कहा कि मुझे खुद गलतियां करके सीखने की जरूरत है। एेसे में मैंने वही किया। उसके बाद इस नतीजे पर पहुंचा कि काम वही करो, जो तुम चाहते हो।
*तो क्या सिंता की तरह निर्देशन के क्षेत्र में कदम रख सकते हैं?
—नहीं-नहीं, एकदम नहीं। मैंने पापा को फिल्म निर्माण के दौरान तनाव से गुजरते देखा है। मैं वह टैंशन मोल नहीं ले सकता। इसमें मेरी कोई रुचि भी नहीं है।
*आपका नाम कई हीरोइनों से जुड़ा। क्या वजह मानते हैं?
—हां, यह सच है कि मेरा नाम मेरी ही कई को-स्टार्स के साथ जोड़ा गया। आप इसे एसे भी कह सकते हैं कि मैंने जिस किसी भी एक्ट्रैस के साथ काम किया, अधिकांश के साथ मेरे अफेयर के किस्से बने लेकिन इसके बावजूद आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि मैं आज भी सिंगल हूं। जहां तक नाम जुडऩे की बात है तो मुझे लगता है कि मैं हमेशा से ही सैक्सी हूं इसीलिए मेरे साथ एेसा हो रहा है।