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वैलेंटाइन वीक ‘किस डे स्पैशल’: शर्माएं नहीं, चेहरे पर चमक पाने के लिए करें Kiss

  • वैलेंटाइन वीक ‘किस डे स्पैशल’: शर्माएं नहीं, चेहरे पर चमक पाने के लिए करें Kiss
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Tuesday, February 13, 2018-9:31 AM

जालंधर (शीतल जोशी): प्यार एक नदी के प्रवाह की तरह है जो सदैव चलता रहता है और हर तरफ खुशियां बिखेरता रहता है। प्यार करने वालों में सहजता, सरलता, त्याग और सहनशीलता जैसे गुण स्वयं ही आ जाते है। विश्वभर में प्यार को स्वीकार करते हुए मनाया जाने वाला वैलेंटाइन्स-डे अपने स्वरूप में कई तरह के बदलाव कर चुका है। 


पहले जहां वैलेंटाइन्स डे के बारे में बात करने में लोग झिझक महसूस करते थे वहीं अब हर आयुवर्ग की सोच में परिवर्तन आया है। ‘प्यार’ शब्द जुबान पर आते ही पूरे बदन में एक अजीब-सी सनसनाहट होने लगती है। ऐसे में जब प्यार का मौसम यानि वैलेंटाइन्स वीक चल रहा हो तो हर कोई इस प्यार के अहसास में डूब जाना चाहता है। अभिभावक बच्चों के साथ सहज हो कर वैलेंटाइन्स वीक के दौरान मनाए जाने वाले हर दिन को वार्ता कर सही-गलत की जानकारी देते हैं। 


इस तरह की घरेलू डिस्कशन्स का सबसे 
बड़ा फायदा यह हुआ है कि इस दिन को लेकर होने वाली अत्यधिक हुल्लड़बाजी पर कुछ हद तक लगाम लगी है।


किस का महत्व
‘किस’ को हिंदी में ‘चुंबन’ कहा जाता है। चुंबन एक स्वाभाविक क्रिया है। एक मां अपने बच्चों को ममत्व भाव से चूमती है। पिता अपने बच्चों को प्रेम से चूम कर उन्हें सुरक्षा का अहसास करवाता है। पति-पत्नी का चुंबन उनके आपसी लगाव और प्यार को प्रकट करता है। इस प्यार के अहसास से वे जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन लेते हैं। देखा जाए तो हर रिश्ते में चुंबन के अलग-अलग अर्थ होते हैं, लेकिन हर रिश्ते में चुंबन करने का मुख्य लक्ष्य प्यार प्रकट करना ही होता है। 


मर्यादा में रहकर मनाएं ‘किस डे’
वैलेंटाइन्स डे से एक दिन पूर्व मनाए जाने वाले किस डे को लेकर हर आयुवर्ग के लोगों में काफी जोश है। अपने प्यार का इजहार करने के लिए मां-बाप भी अपने बच्चों को किस कर सकते हैं। समाज की मर्यादा को निभाते हुए किस डे पर कई लड़कियां और लड़के अपने फ्रैंड्स को ही उनके हाथ पर किस करके इस दिन को मनाएंगे। मिताली और सुप्रिया ने बताया कि वैलेंटाइन वीक के दौरान उन्होंने हर दिन को अपने परिवार के साथ मनाया। उनके अभिभावकों ने भी उन्हें कुछ उपहार दिए। संजीदा का कहना है कि अपनी फ्रैंड्स के साथ वह ‘किस डे’ सैलिब्रेट करेंगीे। वैसे भी प्यार के लिए लड़के-लड़की के प्यार का होना तो जरूरी नहीं है। कुनाल का मानना है कि प्यार के मामले में सीरियस केस बहुत कम होते हैं। 


चुंबन के लाभ
विदेश में चुंबन पर हुए शोधों से पता चलता है कि रोज प्रात: अपने साथी का चुंबन लेने से उस व्यक्ति की आयु 5 वर्ष अधिक हो जाती है। चुंबन करने से व्यक्ति के चेहरे की अलग-अलग मांसपेशियों में खिंचाव होता है जिससे रक्त-संचार संतुलित बना रहता है। इससे चेहरे पर झुर्रियां भी नहीं पड़तीं और चेहरे की चमक भी बढ़ती है। पति-पत्नी के प्रेम स्वरूप किए गए चुंबन से उनमें सुरक्षा की भावना के साथ आत्म-संतुष्टि भी झलकती है।

मध्यम वर्ग परिवारों के लिए वैलेंटाइन्स वीक मनाना कितना सहज?
प्यार के इस मौसम में मनाए जाने वाले हर दिन को मनाना एक मध्यम वर्ग परिवार के लिए सहज नहीं है। कालेज गोइंग स्टूडैंट्स और उन पर पडऩे वाले फिल्मों का असर उनके अभिभावकों के सिरदर्द का कारण बन चुका है। 

नए दौर के इस त्यौहार को हर कोई अपने ही स्टाइल में मनाना चाहता है। अक्सर युवा प्यार का संबंध सिर्फ प्रेमी-प्रेमिका के प्रेम से ही समझते हैं, जबकि प्यार तो हर उस रिश्ते में होता है जिसे हम समाज में रहते हुए निभाते हैं। 


रोका डे, चाकलेट डे, टेडी बियर डे, प्रॉमिस डे, हग डे तक तो ठीक हैं लेकिन किस डे के बारे में बात करने में अभिभावक अभी भी कुछ अधिक सहज नहीं हो पाते। रूपाली नारंग के अनुसार उनकी 3 साल की बेटी सिमर अपने आस-पास होने वाली हर बात को बहुत उत्सुकता से जानना चाहती है। कई बार बड़ी होती बेटी को सहजता से जवाब देना बहुत मुश्किल हो जाता है। ‘किस डे’ मनाना कालेज गोइंग स्टूडैंट्स तो फ्रैंड्स के साथ मना सकते हैं पर नन्हे-मुन्नों के सवालों का क्या किया जाए?

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