गीता के माता-पिता की गुत्थी और उलझी, दो नये परिवारों ने किया वल्दियत का दावा

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Thursday, November 30, 2017-8:57 PM

इंदौर: बहुचर्चित घटनाक्रम में पाकिस्तान से वर्ष 2015 में भारत लौटी गीता पर झारखंड के एक परिवार के दावे की पहेली उसके डीएनए नमूने लिए जाने के महीने भर बाद भी नहीं सुलझ सकी है। इस बीच, अलग-अलग राज्यों के दो नए परिवारों ने मूक-बधिर युवती को अपनी लापता बेटी बताया है।

सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि गीता को महाराष्ट्र के अहमद नगर जिले के जयसिंह कराभरी इथापे और झारखंड के जामताड़ा जिले के सोखा किशकू के परिवारों से जिलाधिकारी कार्यालय में 11 दिसंबर को मिलवाया जाएगा। दोनों परिवारों का दावा है कि यह लड़की कोई और नहीं, बल्कि उनकी खोयी बेटी है।

विज्ञप्ति के मुताबिक गीता से दोनों परिवारों की मुलाकात कराए जाने के बाद जरूरत पडऩे पर उनके डीएनए नमूने भी लिए जाएंगे। इन नमूनों को गीता के डीएनए नमूने से मिलान के लिये सीबीआई की नई दिल्ली स्थित केंद्रीय अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) भेजा जा सकता है।

अब तक देश के अलग-अलग इलाकों के कम से कम 10 परिवार गीता को अपनी लापता बेटी बता चुके हैं। लेकिन सरकार की जांच में इनमें से किसी भी परिवार का दावा फिलहाल साबित नहीं हो सका है। ऐसे ही एक दावे को परखे जाने की कवायद के तहत गीता को झारखण्ड के गढ़वा जिले के विजय राम और उनकी पत्नी माला देवी से यहां 27 अक्तूबर को मिलवाया गया था। लेकिन मूक-बधिर युवती ने इन्हें पहचानने से कथित तौर पर इंकार कर दिया था। हालांकि, प्रशासन ने इस दम्पति के डीएनए नमूने लिए थे और इन्हें जांच के लिए नई दिल्ली स्थित सीएफएसएल भेज दिया था।

प्रभारी जिलाधिकारी रुचिका चौहान ने बताया कि गीता पर दावे के मामले में हमें विजय राम और माला देवी के डीएनए नमूनों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। हम यह रिपोर्ट हासिल करने के लिए सीएफएसएल अफसरों के सतत संपर्क में हैं।  गीता गलती से सीमा लांघने के कारण दशक भर पहले पाकिस्तान पहुंच गई थी। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के विशेष प्रयासों के कारण गीता 26 अक्तूबर 2015 को स्वदेश लौटी थी।

इसके अगले ही दिन उसे इंदौर में मूक-बधिरों के लिए चलाई जा रही गैर सरकारी संस्था के आवासीय परिसर भेज दिया गया था। तब से वह इसी परिसर में रह रही है। सुषमा ने एक अक्तूबर को प्रसारित वीडियो सन्देश में देशवासियों से भावुक अपील की थी कि वे गीता के माता-पिता की तलाश में सरकार की मदद करें। उन्होंने यह घोषणा भी की थी कि इस मूक-बधिर युवती को उसके बिछड़े माता-पिता से मिलवाने में सहयोग करने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।   

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