किसी सरकारी एजेंसी को भी आधार नंबर देने की नहीं जरूरतः UIDAI सीईओ

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Friday, January 12, 2018-6:23 PM

नई दिल्ली: पिछले दिनों आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर आई खबरों के बाद अब इसकी सुरक्षा को और बेहतर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने वर्चुअल आईडी से आधार को सुरक्षित करने की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले के बाद जहां भी आधार नंबर की जरूरत होगी वहां आधार नंबर की जगह 16 अंको की वर्चुअल आईडी डाली जाएगी।

बुधवार को यूआईडीएआई ने भारतीय नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारियों के डेटाबेस की सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में विभिन्न कदमों का ऐलान किया था। यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पाण्डेय ने बताया कि यहां तक कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट या अन्य उन एजेंसियों को भी अपना आधार नंबर नहीं देना होगा जिन्हें कानूनी रूप से आधार की जानकारी देने की जरूरत है। लोग वर्चुअल आईडी के इस्तेमाल से इन एजेंसियों में अपने आधार नंबर ऑथेंटिकेट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह नया नियम इस साल जून महीने से लागू हो जाएगा।

टैक्स रिटर्न्स फाइल में भी यूज हो सकेगी वर्चुअल आईडी
यूआईडीएआई  सीईओ ने बताया, 'अगर कस्टमर अपनी मर्जी से आधार नंबर नहीं देगा तो यह ऑथेंटिकेशन का प्रमुख स्रोत नहीं बनेगा।' यहां तक कि ऑनलाइन टैक्स रिटर्न्स फाइल करने जैसे कामों में भी आधार की जगह वर्चुअल आईडी नंबर देकर काम चलाया जा सकता है।  

पाण्डेय ने कहा, 'लेकिन हमने सुश्चित किया है कि वे सर्विस प्रवाइडर्स भी इनसे (वर्चुअल आईडी से) आधार ऑथेंटिकेट कर सकें जिन्हें यह जानकारी स्टोर करने की अनुमति नहीं है। इससे उनके नेटवर्क में किसी भी रूप में कोई सूचना जमा नहीं हो पाएगी।' उन्होंने कहा कि अगर सर्विस प्रवाइडर्स आधार नंबर जानने के गलत तरीके अपनाते हैं तो इस अपराध के लिए उन्हें दंडित किया जाएगा। 

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