अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धता बढ़ाने के लिए गुणवत्ता क्रांति महत्वपूर्ण: प्रभु

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Sunday, November 26, 2017-10:52 AM

बेंगलुरुः केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के बढ़ते महत्व को देखते हुए सरकार इस क्षेत्र में ‘गुणवत्ता क्रांति’ लाने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के विस्तार के लिए गुणवत्ता आंदोलन मुख्य आधार है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई.) द्वारा यहां आयोजित 25वें राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपने वीडियो संदेश में प्रभु ने कहा, ‘‘सेवा क्षेत्र में गुणवत्ता क्रांति लाना हमारी प्राथमिकता है क्योंकि यह क्षेत्र उत्तरोत्तर हमारी अर्थव्यवस्था की बड़ी शक्ति बनता जा रहा है। यह रोजगार देने वाला प्रमुख क्षेत्र है।’’

दो दिन तक चलने वाले ‘गुणवत्ता का विकास: नवोन्मेष की राह की यात्रा’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन की आज शुरुआत हुई।  प्रभु ने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यस्था की प्रतिस्पर्धी क्षमता का विस्तार गुणवत्ता आंदोलन पर टिका है। सेवा और विनिर्माण कार्य में लगी कंपनियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता का स्तर विश्व के श्रेष्ठ उत्पादों के समकक्ष रखने का लक्ष्य रख घरेलू और विदेशी बाजार में कार्य करना चाहिए।’’  उल्लेखनीय है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र का योगदान 53 प्रतिशत से अधिक है।     

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