वूमैन क्रिकेट : सुविधाएं नहीं पर खिलाड़ियों में जज्बा भरपूर

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Sunday, January 14, 2018-12:36 PM

चंडीगढ़, (लल्लन यादव) : शहर की युवा विकेटकीपर बल्लेबाज तान्या भाटिया ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाकर जहां शहर के प्रशासनिक अधिकारियों को यह बता दिया कि हौंसला बुलंद हो तो कोई भी बाधा आड़े नहीं आ सकती। साथ ही शहर की कई महिला खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश कर रही हैं, लेकिन इतना सब होने के बाद भी खिलाडिय़ों की सुविधा के लिए प्रशासन कोई पहल नहीं कर रहा। चंडीगढ़ वूमैन एसोसिएशन की ओर से निजी तौर पर एक महिला क्रिकेट अकादमी चलाई जा रही है, वहीं पी.सी.ए. के सहयोग से जी.एम.एस.एस.एस.-26 में भी महिला क्रिकेट अकादमी चल रही है। हालांकि दोनों ही जगह खेल विभाग की तरफ से सहयोग नहीं किया जा रहा। खिलाडिय़ों को खुद ही सारा खर्चा वहन करना पड़ रहा है। 

खिलाडिय़ों का यह है कहना
-- जी.एम.एस.एस.एस.-26 क्रिकेट मैदान में अभ्यास करने वाली ट्विंकल पाठक के मुताबिक भले ही प्रशासन मदद नहीं करता पर फिर भी उनका सपना है कि वह देश के लिए खेलें। ट्विंकल पाठक इस साल अंडर-16 डिस्ट्रीक प्रतियोगिता में टीम में भी शामिल हुई हैं। 

-- जी.एम.एस.एस.एस.-18 स्कूल की 7वीं कक्षा की छात्रा शैफाली के मुताबिक महिला क्रिकेट को प्रमोट करने के लिए अधिक से अधिक मुकाबलों का आयोजन होना चाहिए। साथ ही अंडर-17 टीम भी बनानी चाहिए।

लगातार महिला कोच की चल रही मांग
वूमैन क्रिकेट को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ वूमैन क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 1997 में वूमैन वल्र्ड कप आयोजित किया गया। इसका एक मैच सैक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम में भी हुआ था और फिर प्रशासन से चंडीगढ़ में महिला क्रिकेट के लिए अकादमी के लिए जगह की मांग की जाने लगी। हालांकि 20 साल बीतने के बाद भी प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके अलावा एसोसिएशन काफी समय से महिला क्रिकेट कोच की भी मांग कर रही। 

महिला क्रिकेट की सिर्फ दो अकादमी
प्रशासन द्वारा जहां अन्य खेलों के लिए करीब हर दूसरे सैक्टर में स्पोटर््स काम्पलैक्स बनाने की योजना है, वहीं महिला क्रिकेट को लेकर कोई भी अधिकारी व पार्षद गंभीर नहीं। पूरे शहर में महिला क्रिकेट की सिर्फ दो अकादमी हैं। इनमें से एक चंडीगढ़ वूमैन क्रिकेट एसोसिएशन की और दूसरी पी.सी.ए. की मदद से सैक्टर-26 जी.एम.एस.एस.स्कूल में चल रही है। दोनों अकादमियों में निजी कोच नियुक्त हैं। जी.एम.एस.एस.एस.-26 में चल रही क्रिकेट अकादमी के संचालक दीपेंद्र द्वारा महिला क्रिकेटरों को ड्रैस, क्रिकेट किट और जूते भी दिए जाते हैं लेकिन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिलती। 

अंडर-17 की नहीं बनती टीम
इंटर स्कूल प्रतियोगिता में अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता ही आयोजित की जाती है, लेकिन इस इवैंट में भी कम ही टीमें हिस्सा लेती हैं। वहीं एस.जी.एफ.आई. की ओर से अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता हैं, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा अंडर-17 महिला क्रिकेट टीम ही नहीं बनाई जाती। 


महिला क्रिकेट को प्रोमोट करने के तहत मैदान और महिला कोच उपलब्ध करवाने के लिए कई बार प्रशासन को लैटर लिखा जा चुका है, लेकिन इस संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। 
-जयश्री शर्मा, अध्यक्ष चंडीगढ़ वूमैन क्रिकेट एसोसिएशन 

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